18/01/2010

अच्छा हुआ,
अमर का काम अब समाजवादी पार्टी में नहीं रहा |
देर से ही सही  गए तो -


अमर-मुलायम दोस्ताना टूटा
Bhaskar.com
लखनऊ. समाजवादी पार्टी ने आज रविवार को अमर सिंह का इस्तीफा मंज़ूर कर लिया है| सपा नेता शिवपाल सिंह यादव ने आज यहां इस बात की पुष्टि करते हुए बताया की पार्टी ने अमर सिंह का इस्तीफा मंज़ूर कर लिया है| गौरतलब है कि अमर ने पिछले दिनों स्वास्थ कारणों का हवाला देते हुए पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया था|

मुलायम सिंह ने पहले कहा था कि बातें सुलझा ली जाएंगी, लेकिन पिछले एक हफ्ते से चल रहा राजनीतिक बवाल उस वक्त खत्म हो गया जब उनका पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा मंजूर कर लिया गया। अमर सिंह बार -बार ये कह रहे थे कि स्वास्थ कारणों से वह इस्तीफा दे रहे हैं और इसी के चलते आखिरकार सपा ने इस्तीफा मंजूर कर लिया। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की बैठक में ये फैसला ले लिया था लेकिन आज इस बात की आधिकारिक घोषणा की गई। 6 जनवरी को अमर सिंह ने दुबई से इस्तीफा भेज दिया था।

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अमर सिंह और पार्टी के वरिष्ठ नेता रामगोपाल यादव के बीच पिछले बारह दिनों से चल रहे वाकयुद्ध और मतभेदों के बीच आज अंतत:समाजवादी पार्टी प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने अमर सिंह द्वारा दिये गये सभी पदों के इस्तीफों को स्वीकार कर लिया।

मुलायम सिंह यादव ने अमर सिंह को लिखे अपने पत्र में कहा है कि वे अमर सिंह द्वारा छह जनवरी को समाजवादी पार्टी के सभी पदों के दिये गये इस्तीफों को दु:खी मन से स्वीकार करता हूं।

सपा मुखिया ने अमर सिंह को भेजे पत्र में यह भी कहा है कि ‘‘आपने समाजवादी पार्टी को मजबूत करने में अथक प्रयास किया है इसके लिए मैं आपका बहुत-बहुत आभारी हूं।‘‘ मुलायम सिंह यादव कल ही से लखनउ में हैं और अपने वरिष्ठ सहयोगियों से गंभीर विचार-विमर्श के बाद आज अंतत: अमर सिंह द्वारा दिये गये सभी इस्तीफों को स्वीकार कर लिया।

आज देर शाम मीडिया के कार्यालयों में ई-मेल के जरिए मुलायम सिंह द्वारा अमर सिंह के इस्तीफों को स्वीकार करते हुए उन्हें भेजे गये पत्र की प्रतियां भेजी गयीं।उल्लेखनीय है कि आज सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव ने राष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव से भी टेलीफोन पर बातचीत की । लालू कल से लखनउ में थे ।


खबरें बिभिन्न अखबारों कि -

मुलायम का वफादार सिपाही बना रहूंगा: अमर

Jan 18, 12:25 am

नई दिल्ली। समाजवादी पार्टी [सपा] में सभी पदों से अपना इस्तीफा स्वीकार किए जाने के बाद अमर सिंह ने कहा है कि वह पार्टी अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव के शुक्रगुजार हैं और इजाजत मिलने पर वह उनके लिए 'संकल्पबद्ध सिपाही' की तरह काम करते रहेंगे।
अमर ने कहा कि मैं मुलायम सिंह यादव का शुक्रगुजार हूं कि उन्होंने मेरे गिरते स्वास्थ्य के मद्देनजर मेरी जरूरतों का ख्याल रखा।.. मुलायम की मर्जी रहने तक मैं उनके लिए एक संकल्पबद्ध सिपाही की तरह काम करता रहूंगा।
महाराष्ट्र की भिवंडी विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव में सपा नेता अबू आजमी के बेटे फरहान के लिए प्रचार कर रहे अमर सिंह ने कहा कि उन्हें एक फैक्स पत्र के माध्यम से इस्तीफा स्वीकार कर लिए जाने की सूचना मिली। सिंह ने कहा कि इस्तीफा स्वीकार किए जाने से ठीक पहले या उसके बाद उन्होंने मुलायम से कोई बात नहीं की है।
अमर ने हालांकि सपा के ही अपने कुछ पूर्व सहयोगियों के बर्ताव पर नाराजगी भी जाहिर की और कहा कि यह दुखद है कि पार्टी के कुछ वरिष्ठ सहयोगियों ने उस वक्त मेरी आलोचना की जब मुझे उनकी सहानुभूति की जरूरत थी। खासकर तब, जब मेरी तबियत ठीक नहीं थी।

और नुकसान नहीं चाहते थे सपा प्रमुख

Jan 17, 10:15 pm

नई दिल्ली [राजकेश्वर सिंह]। अमर इस्तीफा प्रकरण में बीते दस दिनों में सपा में जो कुछ हुआ, उससे पार्टी प्रमुख मुलायम सिंह को यह अहसास हो गया था कि इस 'खेल' को जारी रखने में फायदा कम और नुकसान ज्यादा है। लिहाजा सपा प्रमुख ने खुद को नई चुनौतियों के लिए तैयार करते हुए पार्टी के सभी पदों से अमर सिंह का इस्तीफा मंजूर कर लिया।
पार्टी को भविष्य के 'खतरे' का भी पूरा अहसास है। साथ ही, उससे उबरने की आस भी है। ार्टी के उच्चपदस्थ सूत्रों का कहना है कि मुलायम और उनके सांसद बेटे अखिलेश ने बीते दस दिनों में अमर सिंह से कई बार बात की, लेकिन हर बार उनके तौर-तरीकों से लगा कि वह अब सपा में रहना ही नहीं चाहते। लिहाजा इस्तीफा मंजूर कर उन्हें मुक्त करने के सिवा कोई रास्ता ही नहीं था।
बताते हैं कि सपा प्रमुख और दूसरे नेताओं को अहसास है कि अब पार्टी के कुछ दूसरे नेता, यहां तक कि सांसद व विधायक भी खुद को सपा से अलग करने का फैसला कर सकते हैं। हालांकि उन्हें यकीन है कि ऐसा करने वालों में कोई जमीनी नेता नहीं होगा। वैसे अमर ने इस्तीफा मंजूर होने के बाद भी यही कहा कि वह मुलायम के सिपाही बने रहेंगे। पर सपा में बड़े नेताओं का मानना है कि इस्तीफा मंजूर हो जाने के बाद अब अमर सिंह पार्टी भी छोड़ देंगे। ऐसा हुआ तो पार्टी में फिल्मी दुनिया से जुड़े और कुछ प्रभावी लोगों की कमी हो सकती है, लेकिन पार्टी को उसकी ज्यादा चिंता इसलिए नहीं है क्योंकि वह फिर से गांव, गरीब और किसानों पर खास फोकस करके उसकी भरपाई करेगी। शीर्ष नेताओं का मानना है कि मुलायम सिंह को राष्ट्रीय स्तर पर एक प्रबंधक की कमी खल सकती है, लेकिन उससे ज्यादा नुकसान पार्टी में अमर सिंह को लेकर लगातार बढ़ रहे असंतोष से हो रहा था।
सपा में अमर सिंह के विरोधी आर्थिक मोर्चे पर उठाए जा रहे सवालों को भी खारिज करते हैं। उनका कहना है कि अब पार्टी अपने मूल वोट बैंक यानी पिछड़ों और गरीबों के बीच रहेगी तो उसे अकूत धन की जरूरत भी नहीं है। एक नेता का तर्क है, 'धन तो उत्तर प्रदेश के पिछले विधानसभा चुनाव में भी खर्च हुआ था। सरकार पूर्ण बहुमत से मायावती की बन गई। हवाई जहाज और हेलीकाप्टर की बदौलत चुनाव जीते जाते तो उस चुनाव में हारते ही क्यों?

पहले ही मंजूर हो जाना चाहिए था इस्तीफा

Jan 17, 10:16 pm

रामपुर। पूर्व मंत्री आजम खां ने कहा कि अमर सिंह का इस्तीफा पहले ही मंजूर हो जाना चाहिए था। उन्हे हैरत है कि इस्तीफा इतनी देर से मंजूर क्यों हुआ? आजम खां ने कहा है कि अमर सिंह ने सपा को बर्बाद कर दिया। बाबरी मस्जिद की शहादत के जिम्मेदार कल्याण सिंह को पार्टी के साथ लाकर सपा का जनाधार खिसका दिया। पार्टी के सीनियर और वफादार नेता पार्टी से किनारा कर गए या उन्हें निकाल दिया गया। मुसलमान वोट भी सपा से किनारा कर गया है।
सपा में वापसी के सवाल पर बोले, अब इस पार्टी में बचा ही क्या है? अमर सिंह ने मुलायम सिंह को भी ब्लैकमेल करने का प्रयास किया। इस सबके बावजूद इस्तीफा मंजूर करने में इतनी देर की गई जबकि हमने कल्याण सिंह का विरोध किया तो पार्टी से निकाल दिया गया।
हम गद्दार नहीं, सपा के सच्चे सिपाही
रामपुर। सांसद जयाप्रदा ने कहा है कि मैं और अमर सिंह गद्दार नहीं हैं बल्कि समाजवादी पार्टी के सच्चे सिपाही हैं। आज भी पार्टी के लिए प्रचार में जुटे हैं। हम पर आरोप लगाने वाले आजम खां अपने बारे में बताएं कि वह कौन सी पार्टी के साथ हैं।
सांसद ने फोन पर जागरण से बातचीत में कहा कि अमर सिंह और मुझ पर गलत आरोप लगाए जा रहे हैं। हम पार्टी के असली कार्यकर्ता हैं। आज भी वह मुंबई में उपचुनाव में पार्टी का प्रचार कर रही हैं। सांसद ने पूर्व मंत्री आजम खां पर निशाना साधते हुए कहा कि वह तो कुछ भी कह देते हैं, जबकि उनकी अपनी कोई नीति नहीं है। उन्होंने लोकसभा चुनाव कांग्रेस को लड़ाया था। विधान परिषद चुनाव बसपा को लड़ाया। आजम खां पहले अपनी स्थिति स्पष्ट करें कि वह कौन सी पार्टी के साथ हैं? वह दूसरों के घरों मं झांकना बंद करें और अपने बारे में सोचें। अमर सिंह ने और मैने हमेशा पार्टी को मजबूत करने के लिए काम किया है। अमर सिंह ने स्वास्थ्य खराब होने के कारण पदों से इस्तीफा दिया है लेकिन, आज भी पार्टी के कार्यकर्ता हैं।



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मुलायम का वफादार सिपाही बना रहूंगाः अमर
नई दिल्ली, एजेंसी
First Published:17-01-10 10:23 PM
Last Updated:17-01-10 10:29 PM
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समाजवादी पार्टी (सपा) में सभी पदों से अपना इस्तीफा स्वीकार किए जाने के बाद अमर सिंह ने कहा है कि वह पार्टी अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव के शुक्रगुजार हैं और इजाजत मिलने पर वह उनके लिए संकल्पबद्ध सिपाही की तरह काम करते रहेंगे।
अमर ने कहा कि मैं मुलायम सिंह यादव का शुक्रगुजार हूं कि उन्होंने मेरे गिरते स्वास्थ्य के मद्देनजर मेरी जरूरतों का ख्याल रखा। मुलायम की मर्जी रहने तक मैं उनके लिए एक संकल्पबद्ध सिपाही की तरह काम करता रहूंगा।
महाराष्ट्र की भिवंडी विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव में सपा नेता अबू आजमी के बेटे फरहान के लिए प्रचार कर रहे अमर सिंह ने कहा कि उन्हें एक फैक्स पत्र के माध्यम से इस्तीफा स्वीकार कर लिए जाने की सूचना मिली। सिंह ने कहा कि इस्तीफा स्वीकार किए जाने से ठीक पहले या उसके बाद उन्होंने मुलायम से कोई बात नहीं की है।
अमर ने हालांकि सपा के ही अपने कुछ पूर्व सहयोगियों के बर्ताव पर नाराजगी भी जाहिर की और कहा यह दुखद है कि पार्टी के कुछ वरिष्ठ सहयोगियों ने उस वक्त मेरी आलोचना की जब मुझे उनकी सहानुभूति की जरूरत थी। खासकर तब, जब मेरी तबियत ठीक नहीं थी।

अमर का इस्तीफा स्वीकार होने पर कहीं खुशी कहीं गम
लखनऊ, एजेंसी
First Published:17-01-10 10:19 PM
Last Updated:17-01-10 10:19 PM
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समाजवादी पार्टी प्रमुख मुलायम सिंह द्वारा पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं महासचिव अमर सिंह के इस्तीफों को स्वीकार कर लिए जाने का पार्टी के विधायकों, सांसदों और कार्यकर्ताओ ने जहां स्वागत किया है वहीं कुछ एक लोगो ने इस निर्णय को परिवारवाद के निर्णय की संज्ञा दी है।
समाजवादी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता राजेन्द्र चौधरी ने कहा कि सपा मुखिया द्वारा अमर सिंह द्वारा दिए गए विभिन्न पदों से इस्तीफे को स्वीकार किए जाने का निर्णय भले ही काफी इंतजार करने के बाद लिया गया हो पर यह फैसला पार्टी के हित में हुआ है।
चौधरी ने कहा कि पार्टी का संगठनात्मक ढांचा और इससे जुड़े कार्यकर्ताओं की मंशा के अनुरूप ही सपा प्रमुख ने इस्तीफे को स्वीकार किया है। पार्टी कार्यकर्ताओं और नेता इस इस फैसले पर एकजुटता के साथ मुलायम सिंह यादव के साथ हैं। उन्होंने कहा कि अमर सिंह के इस्तीफे को स्वीकार कर लिए जाने की खबर जब पूरे प्रदेश में पहुंची तो विभिन्न जनपदों से पार्टी नेताओं, विधायकों, सांसदों और कार्यकर्ताओं ने बधाई संदेश भेजने शुरू कर दिए।
मुलायम सिंह यादव ने रविवार सुबह लखनऊ में अमर सिंह द्वारा इस महीने की छह तारीख को पार्टी के विभिन्न पदों से दिए गए इस्तीफे को स्वीकार कर लिया और इटावा में चल रहे सफई महोत्सव में भाग लेने के लिए रवाना हो गए।
मुरादाबाद से सपा विधायक संदीप अग्रवाल ने कहा कि अमर सिंह का इस्तीफा स्वीकार किया जाना कोई आश्चर्यजनक नही है। यह समाजवाद का नहीं बल्कि परिवारवाद का फैसला है। यह निर्णय पार्टी हित में नहीं होगा। उनके इस बयान के बारे में पूछे जाने पर कि वह अमर सिंह के कहने पर विधानसभा की सदस्यता और पार्टी से इस्तीफा दे देंगे, संदीप ने कहा कि पार्टी छोड़ने पर आज भी कायम हूं। जिस क्षण अमर सिंह कहेंगे हम विधानसभा और पार्टी की सदस्यता से इस्तीफा दे देंगे।
अग्रवाल ने इसके साथ ही यह शेर पढ़ा अब हवाएं ही करेगी रोशनी का फैसला जिस दिए में जान होगी वही दिया जल पाएगा। सपा के वरिष्ठ नेता एवं सांसद भगवती सिंह ने अमर सिंह का इस्तीफा स्वीकार किए जाने के निर्णय का स्वागत किया है। उन्होंने इसके लिए मुबारकवाद देते हुए कहा कि यह निर्णय प्रदेश और देश की आम जनता, कार्यकर्ताओं और लोगों की आम राय के अनुरूप है।

अब अखिलेश की तारीफ में उतरे अमर
नई दिल्ली, एजेंसी
First Published:15-01-10 03:33 PM
Last Updated:15-01-10 03:33 PM
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समाजवादी पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा देने के बाद पार्टी प्रमुख मुलायम सिंह यादव और उनके परिवार के सदस्यों की आलोचना करते रहे अमर सिंह ने यादव के पुत्र अखिलेश की तारीफों के पुल बांधते हुए कहा है कि बड़ा होने के बावजूद परिवार के कुछ लोगों को अखिलेश से सीख लेने की जरूरत है।
अमर सिंह ने अपने ब्लॉग में लिखा है अखिलेश बहुत ही सरल स्वभाव के मालिक हैं और तीन बार सांसद बनने के बावजूद राजनीतिक कुटिलता से कोसों दूर हैं। उनमें अपने और पराये में अंतर करने की क्षमता कूट-कूट कर भरी है। मुझे लगता है कि बड़ा होने के बावजूद परिवार के कुछ लोगों को अखिलेश से सीख लेने की जरूरत है।
अखिलेश से अपने इस व्यक्तित्व को बचा कर रखने की उम्मीद जताते हुए सिंह ने सपा के वर्तमान नेतृत्व पर बदलते समय के अनुरूप खुद को ढाल पाने में अक्षम होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मेरी अपनी पार्टी के समाजवादी पुरोधाओं से अपील है कि वह नए जमाने की जरूरतों को समझें और समाजवाद के बहुमूल्य दर्शन को उसी तरह परिभाषित करें अन्यथा हम अपने राजनीतिक प्रतिद्वन्द्वियों से बहुत पीछे छूट जाएंगे।
अबु आजम्मी के बेटे फरहान आजमी के पक्ष में चुनाव प्रचार के लिए दुबई से भिवंडी आए सिंह ने पार्टी का नेतृत्व अखिलेश जैसे युवाओं को सौंपने की परोक्ष सलाह देते हुए कहा कि अखिलेश और फरहान जैसे युवा नेताओं के आगे बढ़ने से देश की राजनीति आगे बढ़ती है।






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