03/01/2011

"अमर सिंह की नयी पार्टी और देश का भविष्य"
डॉ.लाल रत्नाकर
दैनिक भाष्कर के माध्यम से जो खबर आयी है जिसमें ठाकुर अमर सिंह की 'कंपनी' एक पार्टी के रूप में रजिस्ट्रेशन हेतु 'चुनाव आयोग' को प्रेषित है, इस कंपनी की कार्यप्रणाली राजनितिक तरीके से की जाएगी जिसमे ठाकुर अमर सिंह के अनुभवों का भरपूर लाभ मिलने की आशंका बलवती रहेगी. देखना है की इस खबर में कितना 'दम' है अमर सिंह को अब हक़ बनता है की वह राजनितिक दल बनायें क्योंकि अब उनकी 'नो  इंट्री' किसी भी दल में जाने की जुगत बनती नहीं दिखती है !
अमर सिंह जी की राजनितिक यात्रा परजीवी राजनितिक की रही है, बताते हैं की कांग्रेस के लिए इनका काम कितना महत्त्व का रहा होगा पर स्वर्गीय बीर बहादुर सिंह जी के ज़माने में भी इनकी सेवाओं का इस्तेमाल किसके लिए हुआ यह शोध का विषय है. अब अमर सिंह की 'नीति' और 'नियति' की एक पार्टी की राष्ट्र को तत्काल आवश्यकता दिखाई दे रही है, राष्ट्र ऐसे किसी राजनीतिज्ञ के लिए 'इंतजार रत है' जो गुण अमर सिंह जैसे राजनेता में है. 
संभव है अमर के इस नए दल जिसे अमर सिंह ने अभी नई पार्टी के रूप में इसका गठन कर ही लिया है 'लोक विकास' पार्टी यही कारण हैं की उत्तर प्रदेश में तो इसका भरपूर स्वागत होगा ही क्योंकि समाजवादी पार्टी के समय में जो 'विकास' का माडल लोक ने देखा है, वह बेचैन है इनके विकास के रोल माडल से. काफी दिनों पहले उत्तर प्रदेश ने बदलाव के जो सपने देखे थे तब पता नहीं 'अमर सिंह' की उम्र क्या रही होगी पर जिन रास्तों से अमर सिंह का विकास हुआ प्रदेश अगर उसी रास्ते से बढ़ना चाहता  है तो 'वह' प्रयोग तो हो चुका है.
बीएसपी का उदय 'सामाजिक बदलाव' के जिस नक़्शे पर मान्यवर कांशी राम ने जो काम किया था 'उसका खामियाजा' प्रदेश झेल रहा है, आज यहाँ का दलित जिस दोहरी दशा के मध्य जीवन जी रहा है उसे मानसिक प्रसन्नता भले ही हो रही हो लेकिन उनका 'बुद्धिजीवी' आहत है, वैसे ही जैसे अमर सिंह की 'समाजवादी' हैसियत के दिनों से समाजवाद को ये ही अमर सिंह 'पूंजीवादियों की झोली' में डाल चुके थे! आज इसी डर से भयभीत है 'दलित चिन्तक' संभव है दलित उत्थान का दौर चल निकले -सर्वोच्च न्यायालय के इस फैसले ने एक सन्देश दिया है देखें-
  
अमर सिंह का नया दल होगा ‘लोक विकास’

Source: प्रमोद वशिष्ठ
Last Updated 01:27(03/01/11)कमेन्ट शेयर
चंडीगढ़. ठाकुर अमर सिंह ने नई पार्टी का गठन कर चुनाव आयोग में पंजीयन के लिए भेजा है। उनकी नई पार्टी का नाम ‘लोक विकास पार्टी’ होगा। लोकमंच के बैनर तले पिछले छह महीने में हरियाणा में कई कार्यक्रम कर अमर सिंह ने यहां के राजनीतिक गढ़ भिवानी से नेताओं को राष्ट्रीय स्तर पर शामिल किया है।
विश्वसनीय सूत्रों की मानें तो अमर सिंह के नए राजनीतिक दल में वे स्वयं राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं जबकि अब्दुल आजमी को कार्यकारी अध्यक्ष बनाया है। प्रमुख हस्तियों में जयप्रदा उपाध्यक्ष, संजय दत्त के साथ हरियाणा के तेजतर्रार राजपूत नेता वेदपाल तंवर को राष्ट्रीय महासचिव जैसा बड़ा पद दिया गया है। भोजपुरी गायक मनोज तिवारी को भी मुख्य पद देने की सूचना है। पृथक पूर्वाचंल की मांग को लेकर स्वाभिमान यात्रा कर रहे अमर सिंह ने हरियाणा में कई बड़े घरानों पर वेदपाल तंवर के जरिए दांव फेंका है।
हरियाणा के आधा दर्जन पूर्व मंत्री व विधायकों से भी वे संपर्क में हैं लेकिन नामों का खुलासा नहीं किया है। बताते हैं कि विवाद हरियाणा में प्रमुख पद का है। यह भी सुना है कि वे जाट के अलावा दूसरे वर्ग को महत्व देंगे। संभावना है कि पंजीयन के बाद आने वाले चुनाव में वे अपनी पार्टी का डंका बजाएंगे। एक नेता ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि यूपी चुनाव के बाद उनकी नजर दिल्ली के आसपास राज्यों पर हैं, जिनमें हरियाणा व राजस्थान प्रमुख हैं।
भिवानी जिले से वेदपाल तंवर को तीन प्रदेशों का प्रभार भी दिया जा रहा है। बताते हैं कि वे स्वामी धर्मदेव के जरिए बड़े परिवर्तन की तैयारी में हैं। अब देखना यह है कि हरियाणा की चौपालों पर छाई अमर सिंह की नई पार्टी यहां कोई गुल खिलाती है या फिर कई दिग्गजों की तरह वहीं दब कर रह जाएगी।
हरियाणा में क्या संभावना
वे जिस तरह से नेताओं से संपर्क कर रहे हैं, फिलहाल गैर जाट में पकड़ बना सकते हैं लेकिन कड़ी मेहनत करनी होगी। यहां इस फामरूले में राजनीति के धुरंधर भजनलाल जैसे का दल अभी पाइप लाइन में है। राव वीरेन्द्र सिंह, बंसीलाल जैसे दिग्गज यहां मात खा चुके हैं। देखना यह है कि उनको यहां के नेताओं का कितना समर्थन मिलता है।
राजनीतिक दलों में चर्चा
वैसे तो हरियाणा में अमर सिंह की सक्रियता से ही चर्चा छाने लगी थी लेकिन पिछले कुछ दिनों से कांग्रेस, इनेलो, भाजपा के नेताओं की चौपालों पर इस नई टीम पर मंथन हो रहा है। यह बात अलग है कि अभी चर्चा मजाकिया लहजे में होती है। कहीं यह भी चर्चा है कि ये सब कांग्रेस में आने के लिए दबाव बना रहे हैं। अब देखना यह है कि आगे क्या गुल खिलता है? 

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