19/08/2009

आगरा। समाजवादी पार्टी ने मोहब्बत का पैगाम देने वाली ताजनगरी

घेर लेना डीएम को, हम भी आ जाएंगे
Aug 22, 12:18 am
आगरा। आगरा के जिला पंचायत अध्यक्ष के विरुद्घ अविश्वास प्रस्ताव पर सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह ने जिलाधिकारी पर जमकर गुस्सा निकाला। सपाइयों से कहा कि घेर लेना डीएम को। जरूरत पड़ी तो हम भी आ जाएंगे।
उन्होंने कहा कि डीएम न्याय दिलाता है। लेकिन यहां के डीएम ने तो नाइंसाफी की हद कर दी। बसपा एजेंट की तरह काम किया। जिला पंचायत सदस्यों को उठवा रहे हैं। नेता विरोधी दल शिवपाल को धरना देना पड़ा। एक घंटे में रिपोर्ट दर्ज करने का वादा किया, लेकिन पूरा नहीं किया। कोर्ट से स्टे हो गया, वरना डीएम जिला पंचायत अध्यक्ष प्रकरण में अपने मन की कर लेते। सपाइयों से कहा कि अत्याचार सहोगे तो अत्याचार और बढ़ेगा।
इसी दरम्यान पूर्व सांसद रामजीलाल सुमन ने जमीन अधिग्रहण का मामला बताया। श्री यादव ने कहा कि अब चुपचाप नहीं बैठना है। एडीए अधिकारी सुन लें, किसानों की जमीन कब्जा करने की कोशिश मत करना। सपा अध्यक्ष ने सपाइयों से कहा कि डीएम को घेर लेना। आगरा ही नहीं पूरे मंडल के सपाई आ जाना। जरूरत पड़ी तो हम भी आ जायेंगे। आंदोलन के लिए उन्होंने सलाह दी कि सब कुछ लिखित में करना। कहा कि पहले डीएम को ज्ञापन देना। कमिश्नर को देना। मुख्यमंत्री को भी देना। जब सुनवाई न हो तो घेर लेना अधिकारियों को, क्योंकि घोषित आंदोलन पर जवाबदेह शासन और प्रशासन होता है।

केंद्र को समर्थन की मियाद छह माह और : मुलायम
Aug 22, 02:40 am
आगरा। समाजवादी पार्टी का तीन दिन का विशेष राष्ट्रीय अधिवेशन बसपा सरकार के खिलाफ निर्णायक संघर्ष के एलान के साथ शुक्रवार को समाप्त हुआ। पार्टी मुखिया मुलायम सिंह यादव ने खुले अधिवेशन में अगले साल 19 से 23 जनवरी तक जेल भरो आंदोलन चलाने की घोषणा करने के बाद कहा कि फिलहाल केंद्र सरकार से समर्थन वापसी का कोई विचार नहीं है। इस मसले पर छह महीने बाद फैसला लिया जायेगा।
सपा प्रमुख ने अधिवेशन का समापन करते हुए कार्यकर्ताओं में जोश भरा कि इस बार ऐसा आंदोलन करें कि देश-दुनिया देखती रह जाये। आंदोलन की रूपरेखा का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जिलों-जिलों में अफसरों के दफ्तरों को घेरा जाये। रात-दिन आंदोलन जारी रखा जाये। ऐसा तब तक किया जाये, जब तक उन्हें जेल न भेजा जाये। नौजवानों पर आंदोलन को सफल बनाने की जिम्मेदारी डालते हुए मुलायम ने नेताओं के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं के जत्थे बनाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि इस सरकार को जुल्म-ज्यादती का परिणाम तो भुगतना ही पड़ेगा।
सपा प्रमुख ने कहा कि इस सरकार में तमाम अधिकारी बसपा कार्यकर्ता की तरह काम कर रहे हैं, ऐसे अधिकारियों की सूची बनायी जाये, ताकि समय आने पर उनके खिलाफ कार्रवाई संभव हो सके। सपा अध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश में भाजपा, कांग्रेस या अन्य किसी दल के नेता व कार्यकर्ता को परेशान नहीं किया जा रहा है। सरकार के निशाने पर सिर्फ सपा है, क्योंकि वही उसके कारनामों का विरोध कर रही है। मुख्यमंत्री मायावती को निशाने पर लेते हुए कहा कि वह सिर्फ रुपये बटोरने में लगी हैं। मुलायम ने उत्तराखंड, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, महाराष्ट्र आदि राज्यों में पार्टी के जनाधार को बढ़ाने के लिए मजबूती से काम करने की जरूरत बतायी।

कांग्रेस शर्मिदा पार्टी : अमर
Aug 21, 02:28 am
आगरा। सपा के विशेष राष्ट्रीय अधिवेशन में कांग्रेस पर सबसे तीखा हमला बोला पार्टी महासचिव अमर सिंह ने। उन्होंने कांग्रेस को सबसे बड़ा दुश्मन, धोखेबाज, मतलबी, अहसान फरामोश, घमंडी आदि विशेषणों से नवाजते हुए कहा कि उसका तात्कालिक बैर भले ही बसपा से है लेकिन, आगे लड़ाई सपा और कांग्रेस के बीच होगी। उन्होंने कांग्रेस को 'शर्मिंदा पार्टी' करार देते हुए कहा कि चाहे बाबरी मस्जिद का ताला खोलने का मामला हो या स्वर्ण मंदिर का मुद्दा, कांग्रेस ने हमेशा ही माफी ही मांगने का काम किया है, जबकि सपा को कभी किसी मामले में शर्मिदा होने की नौबत नहीं आयी।
सिंगापुर में इलाज करा रहे अमर सिंह के 'रिकार्डेड' भाषण का वीडियो गुरुवार को अधिवेशन में विशाल स्क्रीन पर दिखाया गया। अमर ने कहा कि इस बात के कयास लगाये जा रहे हैं कि अधिवेशन के बाद सपा राष्ट्रपति के पास जाकर केंद्र सरकार से समर्थन वापसी का पत्र सौंप देगी। मेरा कहना है कि जब रेलमंत्री रहते हुए ममता बनर्जी सरकार का विरोध कर सकती हैं, शरद पवार सरकार को धमका सकते हैं, तो फिर समर्थन देते हुए सपा ऐसा क्यों नहीं कर सकती। उन्होंने कहा हम सोच रहे थे कि बसपा के खिलाफ लड़ाई में कांग्रेस का साथ मिलेगा लेकिन, उसने हमें बसपा के साथ एक ही पलड़े में खड़ा कर दिया। हमने महत्वपूर्ण मामलों में समन्वय समिति बनाने की मांग रखी लेकिन, कांग्रेस ने इसमें बसपा को भी साथ लेने की शर्त रख दी। यह शर्त एक तरह से हमारी मांग को ठुकराना था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का कहीं न कहीं बसपा के प्रति प्रेम अनुराग बना हुआ है। कांग्रेस की फितरत है कि वह किसी का भी निर्ममता और क्रूरता से इस्तेमाल कर उसे फेंक देती है। कांग्रेस को चालाक दुश्मन करार देते हुए अमर ने कहा कि कार्यकर्ताओं को हीनभावना से ग्रसित होने की जरूरत नहीं है क्योंकि हमने धोखा दिया नहीं बल्कि खाया है। उन्होंने कहा कि बसपा तो अपनी मूर्तियों के बोझ तले खुद ही दबकर समाप्त हो जायेगी, सपा को कांग्रेस से लड़ाई की रणनीति तय करनी होगी।

समर्थन के साथ कांग्रेस पर हमला जारी रहेगा
Aug 21, 02:28 am
आगरा। समाजवादी पार्टी की नजर में अब उसकी मुख्य विरोधी भाजपा नहीं, कांग्रेस है। कांग्रेस के नेतृत्व वाली केंद्र की संप्रग सरकार से सपा ने समर्थन वापस लेने के बारे में भले ही अपने पत्ते न खोले हों लेकिन, इतना तो साफ है कि वह उस पर हमला करने में कोई कसर बाकी नहीं रखेगी।
पार्टी के राष्ट्रीय अधिवेशन से निकल रहे स्वर बता रहे हैं कि सपा ने अपनी तोप का मुंह अब सीधे कांग्रेस की ओर कर दिया है। कभी भाजपा को दुश्मन नंबर एक बताने वाली सपा की नजर में अब यह जगह कांग्रेस ने ले ली है। भाजपा को तो वह मृतप्राय मान रही है। हां, उसे कष्ट इस बात का है कि वह अपने नये दुश्मन कांग्रेस को समर्थन भी दे रही है। अधिवेशन में कई नेताओं ने चाहे सीधे तौर पर या फिर घुमा फिरा कर नेतृत्व से यह सवाल करने में गुरेज नहीं किया कि कांग्रेस के साथ 'दोस्त और दुश्मन' का खेल एक साथ कैसे खेला जा सकता है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के नेता त्रिलोक सिंह त्यागी ने तो साफ कहा कि गाजियाबाद तक तो हम कांग्रेस को कोसेंगे लेकिन, दिल्ली की सीमा मे घुसते ही हम उसे समर्थन की बात करेंगे, इससे तो कार्यकर्ताओं में दुविधा ही बढ़ेगी। यह बात मुलायम के नये राजनीतिक सखा और अतिथि के रूप में मंच पर विराजमान कल्याण सिंह को भी प्रभावित किये बिना नहीं रही। यही वजह थी कि उन्होंने प्रस्ताव किया कि समर्थन वापसी का अधिकार पार्टी प्रमुख मुलायम सिंह को सौंप दिया जाये। वह जब चाहें कांग्रेस से समर्थन वापस ले सकते हैं। पूर्व सांसद रशीद मसूद ने तो एक कदम और आगे बढ़ते हुए कहा कि कांग्रेस को समर्थन है ही कहां? उसे तो नीतियों पर आधारित समर्थन दिया गया था। वह नीतियों से डिगी नहीं कि समझो समर्थन खत्म। उन्होंने यह सवाल जरूर उछाला कि पहले यह तय करना होगा कि कांग्रेस और मुलायम में सेकुलर कौन है? देश में आजादी के बाद से 53 हजार फसाद हुए, जिसमें ज्यादातर बडे़ फसाद कांग्रेस के जमाने में हुए। बाबरी मस्जिद का ताला न खुला होता तो नफरत का अंबार न लगता। उन्होंने पूछा, देश में फिरकापरस्ती का सबसे बड़ा दोषी कौन, कार्यकर्ताओं के बीच से आवाज आयी-कांग्रेस। मंच भी शायद यही सुनने को बेताब था। इससे पहले प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी साफ किया कि सपा का जिन दो दलों से मुकाबला है, वे दोनों ही सरकार में हैं। ऐसे में सपा को इनसे निपटने के लिए बहुत सावधानी से रणनीति तय करनी होगी।
वास्तव में सपा नेताओं को यह महसूस हो रहा है कि कांग्रेस उसका इस्तेमाल सिर्फ अपने मतलब के लिए कर रही है और मतलब निकलते ही वह उसे पहचानेगी नहीं। ऐसे में उसने भी उसके साथ वैसा ही रवैया अख्तियार करने का मन बना लिया है। सपा द्वारा उठाये गये इस कदम में राष्ट्रीय महासचिव अमर सिंह का योगदान कम नहीं आंका जा सकता, क्योकि उनके यहां सुनाये गये रिकार्डेड भाषण का लबोलुआब यही था कि कांग्रेस अहसानफरामोश है। उससे अब किसी तरह की उम्मीद करना बेकार है। वह मुंह पर मीठी बनी रहती है और पीठ पर खंजर भोंकती है। ऐसे में कांग्रेस से उसी के तौर तरीके से निपटना पडे़गा।

खामोश दुश्मन है कांग्रेस: अमर सिंह
Aug 20, 11:09 pm
आगरा। कांग्रेस को खामोश दुश्मन करार देने वाली समाजवादी पार्टी ने सत्ताधारी पार्टी पर मुश्किल परिस्थितियों से बाहर आने के लिए 'इस्तेमाल करो और फेंक दो' की नीति अपनाने का गुरुवार को आरोप लगाते हुए कहा कि संप्रग को समर्थन देने वाले दलों को उसके साथ वैसा ही बर्ताव करना चाहिए।
संप्रग सरकार को बिना शर्त समर्थन देने वाली मुलायम सिंह यादव के नेतृत्व वाली पार्टी ने हालांकि अपना समर्थन वापस लेने का कोई संकेत नहीं दिया।
सपा के राष्ट्रीय महासचिव अमर सिंह ने पार्टी के विशेष राष्ट्रीय सम्मेलन में कहा, 'हमें इस बात को समझना होगा कि अंतिम युद्ध कांग्रेस और सपा के बीच होगा। यह खामोश रहने वाला एक दुश्मन है और तल में छिपी पनडुब्बी या ड्रोन की तरह हमला करता है।
सिंगापुर के एक अस्पताल में गुर्दा प्रत्यारोपण करवाने के बाद स्वास्थ्य लाभ कर रहे अमर सिंह ने रिकार्ड किए गए एक संदेश में कहा कि कुछ लोगों का यह भी सुझाव था कि सपा को राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल से मिल कर कांग्रेस नीत संप्रग से समर्थन वापस ले लेना चाहिए।
अमर सिंह ने कहा कि कांग्रेस 'इस्तेमाल करो और फेंको' की नीति अपनाती है और परिस्थितियों का अधिक से अधिक लाभ लेने की कोशिश करती है। उन्होंने कहा, 'हमें कांग्रेस के साथ वैसा ही व्यवहार करना चाहिए, जैसा वह अन्य राजनीतिक दलों के साथ करती है। उन्होंने कहा कि उन्होंने और पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव ने भले बने रहकर एक 'अपराध' किया है।
पार्टी महासचिव ने कहा, 'हमने कांग्रेस की बुरे वक्त में उस समय मदद की जब वाम दलों ने उससे समर्थन वापस ले लिया था और पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव उसके खिलाफ गए थे। हमने कुछ नहीं मांगा। इसके बावजूद हमारा इस्तेमाल किया गया और फेंक दिया गया।
अमर सिंह ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उसके मन में बसपा के लिए 'छिपा हुआ प्यार' है। उन्होंने मायावती नीत उप्र सरकार के लिए कहा कि वह प्रदेश में लगाई गई मूर्तियों के भार के नीचे दब जाएगी।

सपा शुरू करेगी जेल भरो आंदोलन
Aug 20, 02:13 am
आगरा। समाजवादी पार्टी ने मोहब्बत का पैगाम देनेवाली ताजनगरी से बुधवार को सत्ता के खिलाफ 'बगावत' का ऐलान किया। तीन दिन के विशेष राष्ट्रीय अधिवेशन का उद्घाटन करते हुए सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने कहा कि केन्द्र को हिलाने और उत्तर प्रदेश की बसपा सरकार को हटाने के लिए पार्टी जेल भरो आंदोलन छेड़ेगी। उन्होंने लखनऊ से स्वयं और इलाहाबाद से जनेश्वर मिश्र द्वारा गिरफ्तारी देने की घोषणा की। साथ ही अधिवेशन में बतौर अतिथि मंच पर मौजूद अपने नये 'राजनीतिक सखा' पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह से आंदोलन में शिरकत करने की पेशकश की, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया। सपा प्रमुख ने आदोलन की तारीख जल्द ही घोषित किए जाने की बात कही।
स्थानीय जीआईसी मैदान में शुरू हुए विशेष राष्ट्रीय अधिवेशन में पूर्व भाजपा नेता कल्याण सिंह की उपस्थिति सपा की भावी राजनीति की दिशा बताने के लिए काफी थी। आलम यह रहा कि पांडाल में कल्याण सिंह के नारे न लगते देख खुद मुलायम ने माइक संभाल कर उनके जिंदाबाद के नारे लगवाए। मुलायम ने जहां कल्याण को अपनी बगल में स्थान दिया, वहीं अगली पीढ़ी के अखिलेश यादव और राजवीर सिंह भी मंच पर साथ-साथ नजर आए। मुलायम ने इस दोस्ती के जरिये पिछड़ों की एकता का भी सुर छेड़ा।
सपा प्रमुख ने कहा कि विशेष अधिवेशन की जरूरत इसलिए पड़ी कि पार्टी धोखेबाजों से घिर गयी थी। ये धोखेबाज दल को कमजोर करना चाहते हैं। ऐसे में पार्टी को अपनी ताकत का अहसास कराना होगा। नये सिरे से जनता के बीच जाना होगा। मुलायम ने सत्ता के खिलाफ बगावत का बिगुल बजाते हुए कार्यकर्ताओं के हौसलों को भी परखा। मुलायम ने पूछा जेल जाने से घबराओगे तो नहीं, पुलिस गोली चलाएगी तो भाग तो नहीं जाओगे। कार्यकर्ताओं ने भी पूरा जोश दिखाया।
मुलायम ने केन्द्र और प्रदेश सरकार, दोनों पर ही निशाना साधा। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर कटाक्ष किया कि उनकी बातों पर भरोसा नहीं रहा। पिछली बार नब्बे दिन में मंहगाई रोकने की बात कही थी, इस बार सौ दिन की प्राथमिकताएं घोषित की गयी हैं। इन सौ दिन में जनता को समस्याओं से निजात मिलना तो दूर मंहगाई के कारण समस्याएं और बढ़ गयी हैं। महंगाई से किसान और उपभोक्ता दोनों त्रस्त हैं। सपा प्रमुख ने मुम्बई की आतंकी घटना का जिक्र करते हुए केन्द्र सरकार की सुरक्षा व्यवस्था पर हमला किया। उन्होंने हिन्दुस्तान सरकार द्वारा विदेशी ताकतों के आगे घुटने टेके जाने का आरोप लगाया। मुलायम ने कहा, प्रधानमंत्री ने अपने लचर रवैये से पाकिस्तान को यह कहने का मौका दे दिया कि हिन्दुस्तान उसके यहां आतंकवादियों को बढ़ावा देता है। चीन ने दो लाख सैनिकों को हिन्दुस्तान की सीमा पर तैनात कर दिया है। अरुणाचल प्रदेश को वह अपने नक्शे में दिखा रहा है पर प्रधानमंत्री और गृहमंत्री आंख मूंदे हैं। ऐसे प्रधानमंत्री देश को कहां ले जाएंगे, यह समझ में नहीं आता।
सपा प्रमुख ने कहा अगर केंद्र सरकार मेहरबान न होती तो उप्र सरकार इतनी भ्रष्ट न होती। अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि उप्र में कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष के साथ क्या अत्याचार नहीं हुआ, पर उसके बाद भी कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष को माफी मांगनी पड़ी। नरेगा में भ्रष्टाचार का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि एक करोड़ कार्ड धारकों में सिर्फ 15 लाख लोगों को ही काम मिला है। इनमें भी कई को दो दिन ही काम मिला, पर कार्ड में नब्बे दिन काम दर्शा कर भुगतान का बंदरबांट कर लिया गया। उन्होंने कहा योजना अच्छी है, पर उसका क्रियान्वयन सही नहीं हो पा रहा।


मोहब्बत की नगरी में सियासी जंग का एलान
Aug 20, 02:13 am
आगरा। समाजवादी पार्टी ने मोहब्बत का पैगाम देने वाली ताजनगरी से बुधवार को सत्ता के खिलाफ 'बगावत' का एलान किया है। तीन दिन के विशेष राष्ट्रीय अधिवेशन का उद्घाटन करते हुए सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने लखनऊ से स्वयं और इलाहाबाद से जनेश्वर मिश्र द्वारा गिरफ्तारी देने की घोषणा करते हुए कहा कि केंद्र को हिलाने और उत्तर प्रदेश की बसपा सरकार को हटाने के लिए पार्टी जेल भरो आंदोलन छेड़ेगी। मुलायम ने साथ ही अधिवेशन में बतौर अतिथि मंच पर मौजूद अपने नये 'राजनीतिक सखा' पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह से आंदोलन में शिरकत करने की पेशकश की, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया।
राष्ट्रीय अधिवेशन में पूर्व भाजपा नेता कल्याण सिंह की उपस्थिति सपा की भावी राजनीति की दिशा बताने के लिए काफी थी। आलम यह रहा कि पंडाल में कल्याण सिंह के नारे न लगते देख खुद मुलायम ने माइक संभाल कर उनके जिंदाबाद के नारे लगवाये। मुलायम ने जहां कल्याण को अपनी बगल में स्थान दिया, वहीं अगली पीढ़ी के अखिलेश यादव और राजवीर सिंह भी मंच पर साथ-साथ नजर आये। मुलायम ने इस दोस्ती के जरिये पिछड़ों की एकता का भी सुर छेड़ा। सपा प्रमुख ने कहा कि विशेष अधिवेशन की जरूरत इसलिए पड़ी कि पार्टी धोखेबाजों से घिर गयी थी। यह सभी धोखेबाज दल को कमजोर करना चाहते हैं। ऐसे में पार्टी को अपनी ताकत का अहसास कराना होगा। नये सिरे से जनता के बीच जाना होगा। मुलायम ने सत्ता के खिलाफ बगावत का बिगुल बजाते हुए कार्यकर्ताओं के हौसलों को भी परखा। मुलायम ने पूछा जेल जाने से घबराओगे तो नहीं, पुलिस गोली चलायेगी तो भाग तो नहीं जाओगे। कार्यकर्ताओं ने भी पूरा जोश दिखाया।
मुलायम ने केंद्र और प्रदेश सरकार, दोनों पर ही निशाना साधा। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर कटाक्ष किया कि उनकी बातों पर भरोसा नहीं रहा। पिछली बार नब्बे दिन में मंहगाई रोकने की बात कही थी, इस बार सौ दिन की प्राथमिकताएं घोषित की गयी हैं। इन सौ दिन में जनता को समस्याओं से निजात मिलना तो दूर मंहगाई के कारण समस्याएं और बढ़ गयी हैं। सपा प्रमुख ने मुंबई की आतंकी घटना का जिक्र करते हुए केन्द्र सरकार की सुरक्षा व्यवस्था पर हमला किया। उन्होंने हिंदुस्तान सरकार द्वारा विदेशी ताकतों के आगे घुटने टेकने का आरोप लगाया। मुलायम ने कहा, प्रधानमंत्री ने अपने लचर रवैये से पाकिस्तान को यह कहने का मौका दे दिया कि हिन्दुस्तान उसके यहां आतंकवादियों को बढ़ावा देता है। चीन ने दो लाख सैनिकों को हिन्दुस्तान की सीमा पर तैनात कर दिया है। अरुणाचल प्रदेश को वह अपने नक्शे में दिखा रहा है, लेकिन प्रधानमंत्री और गृहमंत्री आंख मूंदे हैं।
सपा प्रमुख ने कहा अगर केंद्र सरकार मेहरबान न होती तो उप्र सरकार इतनी भ्रष्ट न होती। अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि उप्र में कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष के साथ क्या अत्याचार नहीं हुआ, पर उसके बाद भी कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष को माफी मांगनी पड़ी। नरेगा में भ्रष्टाचार का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि एक करोड़ कार्ड धारकों में सिर्फ 15 लाख लोगों को ही काम मिला है। इनमें भी कई को दो दिन ही काम मिला, लेकिन कार्ड में नब्बे दिन काम दर्शा कर भुगतान का बंदरबांट कर लिया गया।

केंद्र से समर्थन वापसी पर विचार करेगी सपा
Aug 19, 02:04 am
आगरा। तमाम मतभेदों के बावजूद केंद्र सरकार को दिए जा रहे समर्थन को जारी रखा जाए या नहीं, इस पर समाजवादी पार्टी बुधवार से ताजनगरी में शुरू हो रहे अपने तीन दिनी अधिवेशन में विचार करेगी। पार्टी सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव ने मंगलवार को आगरा पहुंचने पर मीडिया से कहा, कांग्रेस से जो उम्मीदें थीं, उस पर खरी नहीं उतर रही है।
सपा प्रमुख ने कहा देश की सीमाएं सुरक्षित नहीं हैं। आंतरिक खतरों के प्रति केंद्र बेखबर है। यह दुर्भाग्य है कि दुनिया में एक भी देश ऐसा नहीं रहा, जो भारत का दोस्त हो। यही नहीं, उत्तर प्रदेश में बसपा सरकार लूट मचाये है, लेकिन केंद्र हस्तक्षेप करने को तैयार नहीं है। उन्होंने कहा कि इस कठिन समय में राष्ट्रीय अधिवेशन से सपा जहां केंद्र को उसकी जिम्मेदारियों के प्रति आगाह करेगी, वहीं प्रदेश सरकार की ज्यादतियों का मुंहतोड़ जवाब देने की भी रणनीति तय करेगी।
यह पूछे जाने पर कि जब उनकी नजर में देश असुरक्षित है, महंगाई के लिए कांग्रेस की नीतियां दोषी हैं, बसपा सरकार की लूट पर केंद्र मौन है, तो कांग्रेस सरकार से सपा समर्थन वापस क्यों नहीं ले लेती? मुलायम ने कहा इस मसले पर अधिवेशन में पार्टी के लोगों की भावनाएं जानने का काम किया जायेगा। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री ने 45000 एकड़ जमीन पर कब्जा कर लिया है। महानगरों के बाद अब नगर पंचायत व नगर परिषदों में जमीनों पर कब्जा किया जा रहा है। यहां पर प्रतिनिधियों की राय हुई तो उप्र सरकार के खिलाफ आंदोलन की घोषणा भी इसी अधिवेशन में होगी।

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