24/01/2010

वाह आजम वाह !

अमर सिंह के हिसाब करावा दीजिये , समाजवादियों का कितना खून चुसे है और मुलायम के कार्य कल में कितना धन वसूले है, सबका हिसाब किताब हो जाये तो ठीक लगता है, अमर की दुकान बंद हो जाएगी अगर लेन देन का हिसाब ठीक से हो जाये. 
जनेश्वर ही नहीं ना जाने कितनो को उसने मर डाला है , और तो और सपा को ही मारने की तैयारी थी , आधी जान तो निकल ही दिया है |



















मुलायम और अमर प्रेम की बलि चढ़ गए जनेश्वर जी |

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