13 मई 2010

भाष्कर से साभार -

Thursday, May 13, 2010 00:28 [IST]  


danik bhaskarलालू-मुलायम पर जुबान फिसली, गडकरी संकट में

भास्कर न्यूज
First Published 1:36[IST](13/05/2010)
Last Updated 00:28[IST](13/05/2010)


चंडीगढ़.
lalu mulyam
 जब भी जी चाहे, नई दुनिया बसा लेते हैं लोग, एक चेहरे पे कई चेहरे लगा लेते हैं लोग। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी ने फिल्मी गीत की यह लाइनें सुनाते हुए मुलायम सिंह और लालू प्रसाद  की तुलना कुत्ते से की।

उन्होंने कहा कि लालू और मुलायम शेर बनते है लेकिन जब सीबीआई का डंडा पड़ता है तो ये नेता यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी के घर पर उनके तलवे चाटने पहुंच जाते हैं। उन्होंने उत्तरप्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती पर भी कांग्रेस के आगे झुकने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा कि लालू या मुलायम जैसे नेताओं में कांग्रेस का विरोध करने की हिम्मत नहीं है। गडकरी ने गृहमंत्री पी. चिदंबरम पर देश की जनता की तुलना कुत्ते से करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि केंद्रीय बजट पेश करने के समय चिदंबरम ने कहा था कि हमने बजट में कुत्तों के बिस्कुट पर लगने वाला टैक्स घटाया है जबकि केंद्रीय मंत्री कमलनाथ ने कहा था कि देश की गरीब जनता अधिक खाने लगी है जिस वजह से महंगाई बढ़ रही है।  गडकरी की अपमानजनक टिप्पणी की लालू और मुलायम ने कड़े शब्दों में आलोचना की है। मुलायम सिंह ने इसे दिमागी असंतुलन करार दिया।

इस बीच देर रात गडकरी ने अपशब्दों के इस्तेमाल पर खेद जताया। उन्होंने कहा, किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने की मंशा नहीं थी। मैंने इन शब्दों का इस्तेमाल मुहावरे के तौर पर किया था।

भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि वह लालू और मुलायम का बेहद सम्मान करते हैं और यदि उन्हें मेरी बातों से ठेस पहुंची है तो मैं अपने शब्दों को वापस लेता हूं। हालांकि गडकरी ने यह भी कहा कि सभी को उनकी बातें मुहावरे की तरह लेनी चाहिए और उसका अर्थ अपने मनमुताबिक नहीं लगाना चाहिए।



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