06/06/2011

बाबा रामदेव के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज

Jun 06, 01:28 am
नई दिल्ली [प्रदीप कुमार सिंह]। दिल्ली पुलिस ने शनिवार आधी रात बाबा रामदेव के सत्याग्रह को कुचलने के लिए जो बर्बरता दिखाई उसे अब अधिकारी अपनी थोथी दलीलों से सही साबित करने में लगे हैं। रामदेव के खिलाफ कमला मार्केट थाने में दंगा भड़काने, सार्वजनिक संपत्तिको नुकसान पहुंचाने व सरकारी ड्यूटी पर तैनात कर्मियों से मारपीट का मामला दर्ज किया गया है। इसके अलावा पुलिस ने रामदेव के दिल्ली प्रवेश पर 15 दिन तक के लिए पाबंदी लगा दी है।
विशेष पुलिस आयुक्त [लॉ एंड ऑर्डर] धर्मेद्र कुमार के अनुसार- 'बाबा रामदेव की जान को खतरा था और बड़ी तादाद में उनके समर्थकों के रविवार को दिल्ली पहुंचने की सूचना थी। इसलिए उनके योग शिविर की अनुमति रद्द की गई।'
रामदेव के सत्याग्रह शिविर में विभिन्न राज्यों से आए पचास हजार से अधिक लोग मौजूद थे। रात को सभी भूखे-प्यासे गहरी नींद में थे। रात एक बजे हजारों की तादाद में पुलिस और त्वरित कार्रवाई बल के जवानों ने पंडाल के आसपास नाकेबंदी शुरू कर दी। सुरक्षा बल के साथ पुलिस अधिकारियों ने पंडाल में प्रवेश किया और मौके का जायजा लिया। बकौल विशेष पुलिस आयुक्त धर्मेद्र कुमार, -'हमने रामदेव से योग शिविर की अनुमति रद्द होने और समर्थकों को वहां से जाने के लिए बोला था। मगर वह नहीं माने।' यह तो ठहरी पुलिसिया कहानी।
दरअसल, रामदेव को पुलिस ने अपने साथ ले जाने का प्रयास किया तो उनके समर्थक बचाव में आगे आ गए। बाबा भी समर्थकों को संबोधित करने के लिए मंच से नीचे कूद पड़े। एक भक्त के कंधे पर बैठकर उन्होंने अपनी बातें कहीं। इसी बीच पुलिस ने मंच को निशाना बनाते हुए आंसू गैस के गोले दागने शुरू कर दिए। यह भी नहीं सोचा की कहीं आग न लग जाए। पंडाल में हर तरफ धुआं ही धुआं हो गया। लोगों का दम घुटने लगा। पंडाल में आग की लपटें भी उठने लगीं। एक भक्त ने अग्निशमन उपकरण से आग पर काबू पाया। धुएं का फायदा उठा रामदेव भी पुलिस की आंखों से ओझल हो गए।
इसके बाद शुरू हुआ पुलिसिया तांडव। बुजुर्ग, बच्चों और महिलाओं पर भी लाठियां बरसायीं। खींचतान में कई महिलाओं के कपड़े तक फट गए। हरियाणा, आंध्रप्रदेश, झारखंड से कई महिलाएं अकेली ही आई थीं। रात का हवाला देते हुए हाथ जोड़कर पुलिसकर्मियों से सुबह तक वहां ठहरने देने की अनुमति मांगी, मगर काई सुनवाई नहीं थी। करीब दो घंटे तक यह तांडव चलता रहा। इस बीच पुलिस ने पंडाल की लाइट तक काट दी। सभी को बाहर खदेड़ने के बाद पुलिस ने शिविर सील कर दिया। हिरासत में लिए गए लोगों को बसों में भर कर दिल्ली की सीमा पर ले जाकर छोड़ा गया।
उधर, तड़के करीब सवा चार बजे पंडाल के पीछे की तरफ से कुछ महिलाओं और समर्थकों के साथ निकल रहे बाबा रामदेव को भी गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के दौरान धक्का-मुक्की भी हुई। पुलिस की कार्रवाई के दौरान रामदेव पंडाल के पीछे स्थित दो दीवारों के बीच खाली जगह में छिपे थे। पुलिस रामदेव को सीधे एयरपोर्ट पर ले गई, जहां सुबह विशेष विमान से उन्हें देहरादून भेज दिया गया।
अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त राजन भगत ने बताया कि रामदेव को योग शिविर के लिए अनुमति दी गई थी, लेकिन पहले ही दिन वहां राजनीतिक व धार्मिक संगठनों के लोग जुटने लगे। भड़काऊ भाषण दिए गए। पुलिस जब बाबा को हिरासत में लेने का प्रयास कर रही थी तो उनके समर्थकों ने हाथापाई और धक्का-मुक्की की। ईट व कुर्सियां भी फेंकी गई। नतीजतन, 62 लोगों को चोटें आई। इनमें 23 पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। वहीं अस्पतालों से मिली जानकारी के अनुसार घायल समर्थकों की संख्या पुलिसिया आंकड़ों से कहीं अधिक है।
(जागरण से साभार )

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