1 फ़र॰ 2012


राष्ट्रीय सहारा से साभार 
यूपी में मिलीजुली सरकार की संभावना
अब तक के सबसे बड़े चुनावी सव्रे में सपा सबसे बड़ी पार्टी
सहारा न्यूज नेटवर्क द्वारा उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों को लेकर कराए गए अब तक के सबसे बड़े चुनावी सव्रे में किसी दल को स्पष्ट बहुमत मिलता दिखाई नहीं दे रहा है। ऐसी स्थित में राज्य में अगली सरकार गठबंधन सरकार बनती दिखती है। सव्रे के निष्कर्ष के अनुसार सपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरती दिख रही है। उसे 140 से 150 सीटें मिलने की संभावना है। दूसरे स्थान पर बसपा के रहने का अनुमान है। उसे 100 से 110 सीटें मिलने की संभावना है। फायदा भाजपा को भी होता दिखता है। उसे 80 से 90 सीटें मिलने की सम्भावना है। कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी का संघर्ष कांग्रेस को 60 से 70 के बीच तक सीटें दिलाने में सफल होता दिखाई देता है। सव्रेक्षण के अनुसार बसपा को 21.48 फीसद, सपा को 26.09 फीसद, भाजपा को 20.67 और कांग्रेस को 18.48 फीसद मत मिलने की सम्भावना है। उसकी सहयोगी रालोद को ढाई फीसद मत मिल सकते हैं। मुख्यमंत्री के तौर पर सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव पहली पसंद के रूप में उभरे हैं। 26 फीसद मतदाताओं ने उन्हें मुख्यमंत्री के रूप में चाहा है। कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी को 19 फीसद, भाजपा नेता राजनाथ सिंह को 18 फीसद और बसपा नेता मायावती को 18 फीसद लोगों ने मुख्यमंत्री के रूप में पहली पसंद बताया है।

कैसे हुआ सव्रे
सहारा न्यूज नेटवर्क द्वारा 21 दिसम्बर 2011 से 5 जनवरी 2012 के बीच उत्तर प्रदेश के 72 जिलों के सभी 403 विधानसभा क्षेत्रों में चुनाव पूर्व सव्रेक्षण किया गया। सव्रेक्षण के दौरान विभिन्न समुदायों, धर्मो, जातियों के अलावा शहरी-ग्रामीण तबकों के दो लाख 1500 से ज्यादा महिला-पुरुषों के बीच रायशुमारी की गई। सव्रेक्षण के दौरान पूरी कोशिश की गई कि पूरे प्रदेश का चुनाव पूर्व एक खाका उभर कर आए। सव्रेक्षण में मतदाताओं से 25 सवालों के बारे में राय ली गई। हमें विास है कि यदि आज चुनाव होते हैं तो सव्रेक्षण के निष्कर्ष काफी हद तक सही साबित होंगे। हम दोहराना चाहते हैं कि 3 फीसद तक सव्रेक्षणगत चूक की संभावना हो सकती है।
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(जैसा की हमने पहले ही कहा है की जनता मायावती से निजात चाहती है और निजात के लिए मुलायम सिंह के अलावा और कोई नहीं हो सकता यही उत्तर प्रदेश की जनता ने तय किया है )

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