24 जून 2013

नेता जी की आशंका

लैपटॉप बेचा तो होगी जेल: मुलायम

Updated on: Sun, 23 Jun 2013 07:33 PM (IST)
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लैपटॉप बेचा तो होगी जेल: मुलायम
इटावा [जासं]। सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव ने रविवार को यहां छात्र-छात्राओं को आगाह किया कि वे लैपटॉप का उपयोग ज्ञान अर्जित करने के लिए करें। सरकार ने शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए यह सुविधा दी है यदि कोई इसे लेकर बाजार में पहुंचा तो उसके खिलाफ एफआइआर हो जाएगी और आरोपी को जेल जाना होगा।
दरअसल, सैफई पंडाल में लैपटॉप वितरण के दौरान किसी ने सपा मुखिया से कह दिया कि बच्चे लैपटॉप बेचने की भी बात कर रहे हैं। इसके बाद मुलायम सिंह यादव ने पुन: माइक संभाल लिया। बच्चों को समझाने के अंदाज में उन्होंने कहा कि लैपटॉप बाजार में कतई मत बेच देना। जिसने भी लैपटॉप बाजार में बेचा वह जेल जाएगा और उसकी सिफारिश भी नहीं मानेंगे। उन्होंने मंच से कहा कि लैपटॉप का सभी छात्र-छात्राएं सदुपयोग करें। इसका दुरुपयोग कतई न किया जाए। ऐसी शिकायत उनके पास नहीं आनी चाहिए।
इससे पूर्व सैफई पंडाल में इटावा और मैनपुरी के 17 कालेजों के 7217 छात्रों को लैपटॉप वितरण के दौरान 50 को खुद मुख्यमंत्री अखिलेश यादव व सपा मुखिया मुलायम सिंह ने अपने हाथों से लैपटॉप सौंपे। शेष को पंडाल में अधिकारियों ने लैपटॉप उपलब्ध कराए। मुख्यमंत्री के हाथ से पहला लैपटॉप इटावा की छात्रा आरती यादव जबकि मैनपुरी से पहला लैपटॉप छात्रा रुखसारबानो को मिला। सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव, लोक निर्माण मंत्री शिवपाल सिंह यादव, राज्यसभा सदस्य प्रो.रामगोपाल यादव, सांसद धर्मेन्द्र यादव, राज्यमंत्री दुर्गा प्रसाद यादव, विजय बहादुर पाल द्वारा जिन लाभार्थियों को मंच पर लैपटॉप दिए गये उनमें 26 छात्राएं थीं। कई मुस्लिम छात्राएं बुर्का पहनकर पहुंची थीं। कार्यक्रम में डेढ़ घंटे विलंब से पहुंचे मुख्यमंत्री ने तेज गर्मी और उमस के चलते डेढ़ घंटे का कार्यक्रम मात्र 55 मिनट में संपन्न कराया और पंडाल में जाकर दो-दो कतारों में स्वयं अपने हाथों लैपटॉप दिये। पूरे पंडाल में अफसर जब तक लैपटॉप बांटते रहे। मुख्यमंत्री मंच पर डटे रहे और जब पंडाल से लैपटॉप लेकर लाभार्थी चले नहीं गये तब वह विदा हुए।

आखिर नेताजी को क्यों लगता है की वह गलत फैसला ले लिए हैं ; मुख्यमंत्री न बनकर !
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सीएम होता तो 15 दिन में कानून व्यवस्था सुधरती: मुलायम

Updated on: Tue, 04 Jun 2013 10:53 PM (IST)
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सीएम होता तो 15 दिन में कानून व्यवस्था सुधरती: मुलायम
लखनऊ [जागरण ब्यूरो]। अखिलेश चाहे तो प्रदेश में कानून व्यवस्था ठीक हो जाए। यदि मैं मुख्यमंत्री होता तो मात्र 15 दिन में ही हालात सुधर जाते। सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने एक बार फिर राज्य सरकार को कठघरे में खड़ा किया और मुख्यमंत्री को सार्वजनिक तौर से नसीहत दी। सीएम को सख्त होने की सीख देते हुए मुलायम ने कहा जो 10-15 अफसर बात नहीं मानते हों और मनमानी पर उतारू हों, उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराकर जेल में डाला जाए। संविधान इसकी इजाजत देता है। डीएम व एसएसपी को सीधे जिम्मेदार ठहराया जाए। दफ्तरों में अधिकारी प्रात: दस बजे से दो- तीन घंटे नियमित बैठें और जनता की सुनवाई करें। इसके बाद मौके पर जाकर समस्याओं का निस्तारण कराएं।
मंगलवार को पार्टी मुख्यालय में सपा प्रमुख ने हल्के फुल्के अंदाज में प्रदेश सरकार के खिलाफ अपनी नाराजगी का इजहार किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का बाप होने के अलावा वह पार्टी के अध्यक्ष भी है। अखिलेश को सलाह देना उनका अधिकार है। उनका कहना था कि अखिलेश किसी दबाव में नहीं है। मुख्यमंत्री पर दबाव बनाने जैसी बातें बेबुनियाद हैं।
पूर्व आइएएस तपेन्द्र प्रसाद को सपा में शामिल करते समय मुलायम सिंह पत्रकारों से रूबरू हुए और उनकी नाराजगी केवल सरकार तक ही सीमित नहीं थी। उन्होंने मीडिया की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए। गुजरात की सराहना और यूपी केच्अच्छे कार्यो को प्रचारित नहीं करने का उलहाना भी दिया। उनका कहना था कि सपा सरकार के कई निर्णय अन्य प्रदेशों में भी लागू हुए परन्तु वो मीडिया को नजर नहीं आते। मुलायम की नजर में गुजरात से ज्यादा बिहार में विकास हुआ। मुख्यमंत्री नीतिश कुमार की सराहना करते हुए उन्होंने बिहार की सड़कें ठीक होने और पटना में लूटपाट बंद होने का जिक्र किया।
जब कह रहे है तो कोई जांच नहीं प्रशासनिक सेवाओं से छह वर्ष पूर्व स्वच्च्छिक सेवानिवृत्ति लेने वाले तपेंद्र प्रसाद पर लगे आरोपों का सपा प्रमुख मुलायम सिंह ने बचाव किया। पत्रकारों द्वारा तपेंद्र के खिलाफ एसआइटी जांच होने का सवाल पूछा गया तो मुलायम ने सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि जब हम कह रहे है कि कोई जांच नहीं तो बस नहीं।
उन्होंने तपेंद्र के इटावा में सीडीओ पद पर रहते काम करने की शैली की सराहना की लेकिन तपेंद्र का बसपा के प्रति नरम रुख रहने का हवाला देना भी नहीं भूले। उनका कहना था तपेंद्र के मन बसपा को लेकर गलतफहमी दूर हो चुकी है। उन्हें समाजवादी रास्ते ही गरीबों व कमजोर तबके के लोगों का भला होने की बात समझ आ गयी है। कुशवाहा बिरादरी से ताल्लुक रखने वाले तपेंद्र को लोस चुनाव लड़ाने के सवाल को मुलायम टाल गए।
खाद्य सुरक्षा बिल पर खामोशी
सपा प्रमुख मुलायम सिंह ने खाद्य सुरक्षा बिल पर चुप्पी साधे रखी। उनका कहना था कि इस मसले पर बाद में बात करेंगे। रायबरेली व अमेठी संसदीय क्षेत्र से सपा प्रत्याशी उतारने, कांग्रेस के अंदरूनी मेल जैसे सवालों को टालते हुए उन्होंने कहा केवल सपा ही गैर कांग्रेसवाद अगुवा रही है। इस मौके पर मुलायम सिंह ने वरिष्ठ सपा नेता शतरुद्र प्रकाश की पुस्तक का विमोचन भी किया। पुस्तक का नाम समाजवादी पार्टी नई बयार 2012 है।।

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