24 अक्तू॰ 2023

भारतीय राजनीती में पाखण्ड .

 भारतीय राजनीती में पाखण्ड 


"आज माँ गंगा के आँचल में… सबके मंगल जीवन के निर्विध्न प्रवाह के लिए प्रार्थना के कुछ पल।"

जैसा कि यहाँ नजर आ रहा है की एक समाजवादी नेता जो उसी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं यहाँ गंगा आरती करते हुए नज़र आ रहे है यहीं पर तीन पुजारी भी नज़र आ रहे हैं यह तस्वीर ु नेताओं से भिन्न कैसे हैं जो पाखण्ड के रास्ते संविधान को समाप्त करना चाहते हैं। 


"मप्र के मिर्ची बाबा से एक शिष्टाचार भेंट और उनके मप्र विधानसभा में एक विशेष सीट से चुनाव लड़ने के लिए शुभकामनाएँ!"- अखिलेश यादव

धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाले बयान न दें कार्यकर्ता, अखिलेश की सपा नेताओं को सलाह !

पिछले दिनों समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव स्वामी प्रसाद मौर्य द्वारा दिए गए विवादित बयानों को लेकर अखिलेश ने सपा नेताओं को धार्मिक भावनाओं को लेकर बयान न देने को लेकर सलाह दी।
Dinesh Rathour लाइव हिंदुस्तान, लखनऊ Mon, 29 May 2023 04:46 PM
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सपा नेता और कार्यकर्ताओं से कहा, वे अपना ऐसा व्यवहार रखें कि किसी को शिकायत न हो। अखिलेश ने कार्यकर्ताओं ये भी कहा, सभी का व्यवहार शिष्टाचार युक्त होना चाहिए। दिन पर दिन गिर रहे सपा के ग्राफ को उठाने के लिए अखिलेश बोले, कार्यकर्ता परस्पर सम्मान और विश्वास से समाजवादी पार्टी का ग्राफ जनता के बीच ऊंचा उठेगा।

अखिलेश ने सपा नेता और कार्यकर्ताओं को सलाह देते हुए कहा, कोई भी धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाले बयान न दें। बतादें कि पिछले दिनों सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य कई बार धार्मिक भावनाओं को लेकर बयानबाजी कर चुके हैं। स्वामी कभी रामचरित मानस को लेकर बयानबाजी करते दिखे तो कभी संत समाज पर तीखी टिप्पणी करते नजर आए। नए संसद के उद्घाटन को लेकर भी स्वामी प्रसाद मौर्य शांत नहीं रहे और अपनी प्रतिक्रिया दे डाली।
क्या बोले थे स्वामी प्रसाद मौर्य


अपने विवादित बयानों से अक्सर सुर्खियों में बने रहने वाले स्वामी प्रसाद मौर्य ने नई संसद के उद्घाटन के दौरान सेंगोल राजदंड की स्थापना को लेकर एतराज जताया। उनका कहना था कि इस मौके पर सभी धर्मगुरुओं को बुलाना चाहिए था। स्वामी प्रसाद मौर्य ने ट्वीट कर कहा था कि सेंगोल राजदंड की स्थापना पूजन में केवल दक्षिण के कट्टरपंथी ब्राह्मण गुरुओं को बुलाया जाना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। भाजपा सरकार का यदि पंथनिरपेक्ष संप्रभु राष्ट्र भारत में विश्वास होता तो देश के सभी धर्म गुरुओं यथा- बौद्ध धर्माचार्य (भिक्षुगण ), जैन आचार्य (ऋषि), गुरु ग्रंथी साहब, मुस्लिम धर्मगुरु (मौलाना), ईसाई धर्मगुरु (पादरी) आदि सभी को आमंत्रित किया जाना चाहिए था। ऐसा न कर भाजपा अपनी दूषित मानसिकता और घृणित सोच को दर्शाया है। यद्यपि कि भाजपा सरकार सेंगोल राजदंड की स्थापना कर राजतंत्र के रास्ते पर जा रही है अपितु दक्षिण के ब्राह्मण धर्मगुरुओं को बुलाकर ब्राह्मणवाद को भी स्थापित करने का कुत्सित प्रयास कर रही है।

अखिलेश ने भा.स. किया सवाल
सपा अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सोमवार को सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा सरकार जातीय जनगणना से 'भाग' रही है। उत्तर प्रदेश विधान परिषद की दो सीटों के लिए यहां सोमवार को मतदान करने के बाद पत्रकारों से बातचीत में सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि भाजपा जातीय जनगणना से भाग रही है। अखिलेश यादव ने इस दौरान भाजपा सरकार से उनकी उपलब्धियां भी पूछी। अखिलेश ने पूछा, सरकार की क्या उपलब्धियां हैं। उसने राज्य में कितने एम्स बनाए, कितने शहरों को स्मार्ट सिटी बनाया। पूरे देश में एनएचएआई द्वारा एक्सप्रेस वे बनाए जा रहे हैं, यूपी को पैसा क्यों नहीं मिल रहा है। यूपी का बिजली का कोटा भी केंद्र ने नहीं बढ़ाया है।


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