29/01/2010

वाह  अमर वाह  ?
आये तो अपने फार्म में -
सपा अब तिवारी और अमर से निकल पायेगी भी या नहीं पार्टी कोष का हिसाब किताब अगर अमर सिंह के पास है तो तिवारी जी उसमे क्या करेंगे, मुलायम को चहिये की गरीबों पर बहश हो |

इस्तीफे मांगने से पहले मेरे गुर्दे लौटा दो

Jan 28, 11:58 pm
नई दिल्ली, जागरण ब्यूरो। अमर सिंह के इस्तीफे से शुरू हुई समाजवादी पार्टी में उनकी तकरार और तेज हो गयी है। अमर ने पार्टी में अपने योगदान का हवाला देते हुए चुनौती दी है कि कन्नौज और बदायूं सीटें खाली करा कर सपा का कोई भी नेता उनके मुकाबिल चुनाव लड़ने के लिए आगे आ सकता है। यही नहीं, उन्होंने पार्टी से अपने दोनों गुर्दे खराब होने का भी हिसाब मांगा है। उन्होंने कहा कि राज्यसभा से इस्तीफा मांगने के पहले सपा उनके दोनों गुर्दे वापस कर दे, जो पार्टी की वजह से ही खराब हुए थे।
अमर सिंह ने गुरुवार को यहां दैनिक जागरण से कहा कि सपा ने राष्ट्रीय अध्यक्ष का हवाला देकर मुझसे राज्यसभा की सदस्यता छोड़ने की मांग की है। तो पहले सपा मेरेदोनों गुर्दे लौटाए, जो पार्टी के लिए चुनाव प्रचार करते हुए खराब हो गए थे।
अमर ने इस्तीफे से इनकार करते हुए यह भी कहा कि पार्टी अधिकृत चुनाव प्रचार के दौरान मुलायम व जनेश्वर के साथ पोस्टर में उनकी भी तस्वीर छपी थी। उन्हीं विधायकों ने मुझे राज्यसभा भेजा है। इस तरह यह मेरी खुद की भी कमाई से मिली है। किसी ने भीख में राज्यसभा सदस्यता नहीं दी है।
सिंह ने कहा कि वह अब तक चुप थे, लेकिन अब उनके जनाधार को लेकर सवाल उठाया जा रहा है। ऐसे में उन्होंने चुनौती दी कि सपा कन्नौज या बदायूं में से एक सीट या दोनों खाली करके अपने किसी भी नेता को उनके खिलाफ चुनाव लड़वा ले। गौरतलब है कि कन्नौज से मुलायम सिंह के पुत्र व सपा के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश यादव और बदायूं से सपा के धर्मेंद्र यादव सांसद हैं।
अमर ने कहा कि वरिष्ठ समाजवादी रघु ठाकुर ने उनसे लंबी बात की है। उनके मुताबिक सपा के ब्रजभूषण तिवारी ने कहा है कि मुलायम सिंह सिंगापुर में अमर सिंह से अपनी अवैध व अकूत संपत्ति का हिसाब लेने गए थे। उसी को लेकर अमर व मुलायम में झगड़ा हो गया था। अमर सिंह ने कहा कि इस कथन के लिए तिवारी पर अनुशासनात्मक कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि वह मुलायम सिंह के खिलाफ कुछ बोलना नहीं चाहते, लेकिन इसके लिए उन्हें उकसाया नहीं जाना चाहिए।
'पंच प्यारे' के पीछे किसी को आहत करने की मंशा नहीं
अमर सिंह ने कहा कि बुधवार को 'पंच प्यारे' शब्द का प्रयोग उन्होंने सिखों की भावनाएं आहत करने के लिए बिल्कुल नहीं किया था। वह शब्द कहने के पीछे आशय सपा के पांच प्यारे नेताओं से था। फिर भी किसी सिख भाई को उससे दु:ख पहुंचा हो तो वह उसके लिए मांफी मांगते हैं।

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