2 फ़र॰ 2010



अमर सिंह को पार्टी से जाने में जिनका सहयोग रहा उनमे एक 'आवाज यादव की, 

गिनती होती है इस पर लगातार  लिखा जाता रहा है |





अमर सिंह का निकाला जाना 

सपा के स्वास्थ्य के लिए फायदा ही - 


फायदा है 


सपा से निकल कर कहाँ जाओगे ,


अब और किसको फसाओगे ,


उनके यहाँ 


जिनको कल तक गालियाँ बक रहे थे,


या 


वहां - जिनको कल गालियाँ  देनी है,


या कोई और जगह है .


कहीं रहो 


पर ये ध्यान रहे 


भूल कर भी उन्हें 


जो याद बहुत आयेंगे |


जो भी आपको 


अपनाएंगे .





अमर और जयाप्रदा पार्टी से निष्कासित

अमर सिंह
अमर सिंह को अनुशासनहीनता का दोषी ठहराया गया है
समाजवादी पार्टी ने अमर सिंह और जयाप्रदा को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित करने और चार अन्य विधायकों को निलंबित किए जाने की घोषणा की है.
पार्टी महासचिव मोहन सिंह ने लखनऊ में पत्रकारों को इसकी जानकारी देते हुए कहा कि इन दोनों नेताओं को पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का दोषी पाया गया है और इसलिए यह फ़ैसला किया गया है.
अमर सिंह ने लखनऊ में हुई इस घोषणा के तुरंत बाद दिल्ली में मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि वे मुलायम सिंह के आभारी हैं कि उन्हें पार्टी से निकाल दिया और अपनी मर्ज़ी से काम करने का अवसर दे दिया.
उन्होंने राज्यसभा से इस्तीफ़ा देने से इनकार करते हुए कहा, "राज्यसभा की सीट मुझे भीख में नहीं मिली बल्कि मैंने उसे अर्जित किया है."
अमर सिंह ने फिलहाल किसी राजनीतिक पार्टी से जु़डने या कोई राजनीतिक दल बनाने की संभावना से इनकार किया है.
हमले
जयाप्रदा ने दिल्ली में पार्टी के चार विधायकों और बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में पत्रकारों को संबोधित किया था और कहा था कि अगर पार्टी के किसी सदस्य पर परिवार के लोग हमला कर रहे हैं तो उसको रोकना पार्टी नेतृत्व का काम है.
अमर सिंह को पार्टी से बर्ख़ास्त किए जाने की मांग पिछले कुछ समय से उठ रही है. पार्टी के वरिष्ठ नेता अंबिका चौधरी और रामकृपाल यादव सहित कुछ अन्य नेता इस मामले में काफ़ी मुखर रहे हैं.
कुछ समय पूर्व अमर सिंह ने महासचिव समेत पार्टी के तीन पदों से यह कहते हुए इस्तीफ़ा दे दिया था कि अब वो अपने स्वास्थ्य का ख़्याल रखना चाहते हैं.
लेकिन हाल ही में एक निजी टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में अमर सिंह समाजवादी पार्टी की कट्टर विरोधी मायावती के पक्ष में खुल कर सामने आए और उन्होंने कहा कि मायावती ने विषम परिस्थितियों में भी अपने को साबित किया है.
उन्होंने कहा कि वे मायावती का दर्द समझ सकते हैं, जब मुलायम सिंह यादव ने उन्हें 'अपमानित' किया था.
उनके इस तरह के बयानों के बाद लगने लगा था कि पार्टी इसे अनुशासनहीनता मानते हुए गंभीरता से लेगी और उनके ख़िलाफ़ कोई न कोई क़दम उठाया जाएगा.
'आभारी हूँ'
पार्टी से निकाला जाना मेरे लिए आशीर्वाद की तरह है. मुझे पार्टी से निकाल कर उन्होंने मुझे अपनी मर्ज़ी का काम करने के लिए स्वतंत्र कर दिया है
अमर सिंह
दिल्ली में मीडिया को संबोधित करते हुए अमर सिंह ने कहा, "मैं मुलायम सिंह के ख़िलाफ़ कुछ भी नहीं कहूँगा क्योंकि मैं अभी भी उनकी इज़्ज़त करता हूँ."
पार्टी से निकाले जाने के सवाल पर उन्होंने कहा, "पार्टी से निकाला जाना मेरे लिए आशीर्वाद की तरह है. मुझे पार्टी से निकाल कर उन्होंने मुझे अपनी मर्ज़ी का काम करने के लिए स्वतंत्र कर दिया है."
आगे की रणनीति के बारे में पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि फ़िलहाल उन्होंने राजनीति के बारे में उन्होंने कोई विचार नहीं किया है और वे लोक मंच के माध्यम से काम करते रहेंगे.
राज्यसभा से इस्तीफ़ा देने से इनकार करते हुए उन्होंने कहा, "मुझे राज्यसभा की सीट भीख में नहीं मिली है. मैंने इसे अर्जित किया है. मैं विधायकों के वोट से चुना गया हूँ और विधायक मुलायम सिंह और मेरी फ़ोटो लगे पोस्टरों के दम पर जीत के आए हैं."
समाजवादी पार्टी के पूर्व महासचिव ने कहा कि उन्होंने पार्टी की 14 साल तक सेवा की और बदले में पार्टी पदाधिकारियों और मुलायम सिंह के परिवार के लोगों ने उन्हें 'कमीना, पागल और बेशर्म' कहा.

सपा में अमर को बर्ख़ास्त करने के स्वर

अमर सिंह
अमर सिंह वर्षों तक मुलायम सिंह के सबसे क़रीबी रहे हैं
समाजावादी पार्टी के एक वरिष्ठ नेता अम्बिका चौधरी ने पार्टी नेतृत्व से नाराज़ हुए नेता अमर सिंह को पार्टी से बर्ख़ास्त करने की मांग की है.
चौधरी विधानसभा में समाजवादी पार्टी के मुख्य सचेतक हैं. वे सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव के करीबी लोगों में से हैं.
कुछ ही दिनों पहले तक अमर सिंह समाजवादी पार्टी के शीर्ष और प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते थे, लेकिन इस महीने के शुरू में उन्होंने पार्टी महासचिव एवं अन्य पदों से त्यागपत्र दे दिया था.
मुलायम सिंह यादव ने उनका त्यागपत्र स्वीकार लिया है और पर्यवेक्षकों का मानना है कि अब अमर सिंह अपने लिए नया विकल्प तलाश रहे हैं.

'दल छोड़ दें या पार्टी ही निकाल दे'

विधानसभा के सेंट्रल हाल में पत्रकारों से बातचीत में चौधरी ने कहा कि अमर सिंह पार्टी के सदस्य रहते हुए भी उसकी नीतियों के खिलाफ़ बोल रहे हैं.
उन्होंने उत्तर प्रदेश के विभाजन के पक्ष में अमर सिंह के बयान का उदाहरण दिया जबकि समाजवादी पार्टी उत्तर प्रदेश के विभाजन के खिलाफ़ है.
चौधरी का आरोप है कि इस समय अमर सिंह पार्टी और उसके नेता मुलायम सिंह यादव का भरपूर नुकसान करना चाहते हैं.
उनका कहना था कि इसलिए बेहतर होगा कि वो खुद ही दल छोड़ दें या फिर उन्हें समाजावादी पार्टी से निकाल दिया जाए.
अमर सिंह इस समय ठाकुर बिरादरी को एकजुट करने के लिए राज्य के दौरे कर रहे हैं.
हालाँकि अभी तक समाजवादी पार्टी का कोई बड़ा नेता उनके समर्थन में खुलाकर नहीं आया है.

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