4 फ़र॰ 2010


पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों के साथ हो रहा भेदभाव : राम अवधेश

Feb 04, 12:40 am

बलिया। पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों एवं आम नागरिकों के साथ हो रहे भेदभाव पर नाराजगी व्यक्त करते हुए सदस्य, पिछड़ा वर्ग राष्ट्रीय आयोग भारत सरकार राम अवधेश सिंह ने बताया कि पिछड़ा वर्ग आयोग के अधिकार में राष्ट्रीय अनु जाति/ अनु जनजाति आयोग सहित अन्य आयोगों के समान अधिकार क्षेत्र में विषमता है। इन विषमताओं को दूर करने के लिए राष्ट्रपति को उक्त के बाबत पत्रक दिये गये है।
श्री सिंह ने संघ लोक सेवा आयोग द्वारा कीजा रही नियुक्ति प्रक्रियाओं की चर्चा करते हुए कहा कि अनु जाति/ जनजाति, सामान्य के परीक्षार्थियों की परीक्षा की तारीखें अलग-अलग तय की जाती है जबकि सभी परीक्षायें एक ही तारीख पर की जानी चाहिए। श्री सिंह ने बताया कि संघ लोक सेवा आयोग के पिछड़ा वर्ग के 12 सदस्य में से एक भी सदस्य पिछड़ा वर्ग का नहीं है तथा इसी प्रकार संघ लोक सेवा आयोग द्वारा लिखित परीक्षा व मौखिक परीक्षाओं में अंक का चक्रवार चलाकर भेदभाव किया जाता है। श्री सिंह ने कहा कि इस बाबत परीक्षार्थियों व आयोग द्वारा वाद भी उच्चतम न्यायालय में डाले गये परन्तु अभी तक फैसला लम्बित है। उन्होंने न्याय प्रक्रिया में न्यायिक नियुक्तियों की ओर नाइंसाफी की चर्चा की और कहा कि जांच के लिए ईमानदारी और निष्ठा का मूल्यांकन होना चाहिए। उन्होंने वर्तमान शिक्षा व्यवस्था पर कड़ी नाराजगी जतायी और अलग-अलग शिक्षा प्रणालियों की तरफ इशारा करते हुए कहा कि देश में शिक्षा बजट पर 2 फीसदी ही व्यय किया जाता है जबकि अन्य देशों में यह 20 फीसदी है। सदस्य के साथ गणपति मण्डल, पप्पू यादव व रामेश्वर सिंह भी प्रेसवार्ता में उपस्थित रहे। तदोपरान्त जिलाधिकारी सेंथिल पाण्डियन सी, प्रभारी पुलिस अधीक्षक महात्मा प्रसाद व मुख्य चिकित्साधिकारी डा.सुनील भारती से भी उन्होंने वार्ता की।

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