14/10/2010

रानी यादव
को प्रतिबंधित करते हुए राष्ट्रमंडल खेलों से निलंबित किया जाना .
डॉ.लाल रत्नाकर

कॉमनवेल्थ गेम्स : रानी यादव का डोप टेस्ट पॉजीटिव

नई दिल्ली.कॉमनवेल्थ गेम्स में अब तक कामयाब रहे भारत के सम्मान को तब झटका लगा जब उसकी एक एथलीट रानी यादव का डोप टेस्ट पॉजीटिव पाया गया। रानी को कॉमनवेल्थ गेम्स फेडरेशन (सीजीएफ) ने अस्थाई तौर पर निलंबित कर दिया है।
रानी पैदल चाल स्पर्धा में छठवें स्थान पर रहीं थीं। डोपिंग का यह तीसरा मामला है। इससे पूर्व नाइजीरिया के दो खिलाड़ियों को डोपिंग में पकड़ा गया था। सीजीएफ के अध्यक्ष माइकल फेनेल ने कहा कि इसकी जानकारी भारतीय दल प्रमुख भुवनेश्वर कलीता को दे दी गई है।
इन खेलों में अब तक 1300 डोप परीक्षण किए गए हैं। इनमें से केवल तीन परिणाम ही पॉजीटिव आए हैं, जो कि कोई खराब रिकॉर्ड नहीं है। पहले के दो मामले स्टीम्युलेंट के हैं जो गंभीर श्रेणी में नहीं आते।
तीसरा नया मामला स्टेरायड का है जिसमें फिलहाल कुछ कहा नहीं जा सकता। फेनेल ने बताया कि 100 मी दौड़ की स्वर्ण विजेता ओसायेमी ओलूदामोला का बी- नमूना भी पॉजीटिव पाया गया है और उसे अयोग्य करार दे दिया गया है। वहीं आयोजन समिति के सचिव ललित भनोट ने भारतीय एथलीट के डोपिंग में पकड़े जाने को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि हम मेजबान हैं और हमारी तरफ से ऐसा नहीं होना चाहिए था।

यही नहीं यह खबर भी कैसी है -

कॉमनवेल्थ खेलों पर एक और दाग! 

वॉलिंटियर्स ने लगाया छेड़छाड़ का आरोप



















नई दिल्ली. कॉमनवेल्थ खेलों में वॉलिंटियर्स के रूप में नियुक्त की
गई कॉलेज की छात्राओं ने यह जिम्मेदारी राष्ट्रीय गौरव को ध्यान में
रखकर स्वीकार की थी, लेकिन आयोजन समिति द्वारा नियुक्त
अधिकारियों और उनके वरिष्ठ सहयोगियों ने उनके जज्बे को तार तार
कर दिया। वॉलिंटियर्स के रुप में नियुक्त की गई कई छात्राओं ने आरोप
लगाया है कि उन्हें शारीरिक प्रताड़ना का शिकार होना पड़ा है।
गौरतलब है कि इससे पहले खिलाड़ियों के डोप टेस्ट में पॉजिटिव पाए
जाने, घपलों और खराब तैयारी को लेकर इस बार के राष्ट्रमंडल खेल
सुर्खियां बटोरते रहे हैं। -
कॉमनवेल्थ खेलों में 31,000 वॉलिंटियर्स की नियुक्ति की गई है।
 इनमें कई छात्राएं हैं। 2700 छात्राएं तो अकेले गुरु गोविंद सिंह
 इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय, दिल्ली की ही हैं। पहले दिन से ही वरिष्ठ
अधिकारी इनके शारीरिक शोषण की कोशिश कर रहे हैं।
वॉलिंटियर्स का काम केवल कॉमनवेल्थ खेलों तक ही है। इसीलिए
ये वरिष्ठ अधिकारी उन्हें भविष्य में भी मदद करने का आश्वासन
देकर शोषण करने की कोशिश कर रहे हैं।

त्यागराजन स्टेडियम में तैनात एक छात्रा ने बताया कि हमारी वरिष्ठ
अधिकारी हमें कुछ खास पुरुष अफसरों के पास अकारण भेजती हैं।
ये अधिकारी इन्हें डिनर के लिए आमंत्रित करते हैं और कई तरह
के प्रलोभन देते हैं। और इसी दरमियान वे छेड़खानी करते हैं।
इंदिरा गांधी स्टेडियम पर तैनात एक महिला वॉलिंटियर ने बताया
कि उनका अधिकारी तो खुलकर गलत प्रस्ताव रखता है।
यमुना स्पोर्ट्स कांप्लेक्स पर तैनात एक अफसर पर भी अंगुलियां
उठाई जा रही हैं।
कई छात्राओं ने वहां नौकरी छोड़ दी है, लेकिन परिवार के दबाव में 
आकर कोई भी पुलिस शिकायत दर्ज नहीं कराई है। जवाहरलाल
नेहरू स्टेडियम पर तैनात इन छात्राओं ने बताया कि उनके
अधिकारियों ने कई बार उनके शोषण की कोशिश की।

आयोजन समिति ने भी दिया धोखा

आयोजन समिति ने इन वॉलिंटियर्स को पहले कुछ तय रकम देने का
वायदा किया था। लेकिन अब कईयों को वेतन देने से इंकार किया जा
रहा है। करीब साढ़े चार हजार वॉलिंटियर्स का आरोप है कि उनके साथ
धोखा किया गया है।



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