18/04/2012

समाजवादी सिद्धांत/चुनाव

जब जब व्यक्ति का गुणगान किया जाता है तब तब उसके कर्मों को भुलाने का प्रयास किया जाता है : इसी तरह के कार्यक्रम की रिपोर्ट हुयी है जो बिलकुल ही अलग है पूर्व प्रधानमंत्री चन्द्र शेखर के व्यक्तित्व से; समाजवादी मूल्य क्या होता है क्या माननीय मंत्री जी को पता है, सिद्धांतों की तो बात ही मत करिए. जीवन में केवल और केवल ठगना और धोखा देना ही समाजवादी मूल्य है तो यही सिद्धांत भी होगा . इसी की जुगत में लगे ये नेता जिले के तमाम समाजवादियों के 'खून' पी गए हैं यही कारण है की ये सब अब समाजवाद के सिद्धांत पर भाषण करते घूम रहे हैं . इन समाजवादियों पर आप जांच बैठा दें तो देखेंगे की इनकी आमदनी और संपत्ति का अनुपात ये बताएगा की ये समाजवादी हैं या पूंजीवाद के चाकर !

समाजवादी सिद्धांतों के सच्चे संवाहक रहे चन्द्रशेखर

Apr 17, 08:13 pm
जौनपुर: समाजवादी मूल्यों व उसके सिद्धांतों के पूर्व प्रधानमंत्री चन्द्रशेखर सच्चे संवाहक रहे। वे देश के निर्विवाद नेता के रूप में जाने जाते रहे।
उक्त बातें प्रदेश के लघु सिंचाई, पशु धन विभाग के मंत्री पारसनाथ यादव ने कही। वे मंगलवार को टीडी कालेज में पूर्व प्रधानमंत्री चन्द्रशेखर की 86वीं जयन्ती पर आयोजित समारोह में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि चन्द्रशेखर द्वारा स्थापित आदर्श आज भी प्रासंगिक हैं।
समारोह की अध्यक्षता करते हुए उनके अत्यधिक करीबी रहे प्रदेश के पूर्व मंत्री ओम प्रकाश श्रीवास्तव ने उनसे जुड़े कई संस्मरण सुनाये। इस मौके पर पूर्व कुलपति प्रो.कीर्ति सिंह, पूर्व विधायक रघुराज सिंह, प्रबंधक अशोक कुमार सिंह, पूर्व विधायक सुरेन्द्र प्रताप सिंह, वशिष्ठ नारायण सिंह, दुष्यन्त सिंह एडवोकेट, सत्य नारायण सिंह एडवोकेट, डीआर सिंह, राजीव प्रकाश सिंह आदि ने अपने विचार व्यक्त करते हुए पूर्व प्रधानमंत्री को श्रद्धांजलि अर्पित की।
उधर सपा कार्यालय में आयोजित पूर्व प्रधानमंत्री के जयन्ती समारोह की अध्यक्षता पार्टी जिलाध्यक्ष राज बहादुर यादव ने की।
इसमें पूर्व विधायक लाल बहादुर यादव ने कहा कि युवा तुर्क के रूप में विख्यात चन्द्रशेखर संघर्षो के पर्याय थे। देश की दशा व दिशा तय करने में उनके विचार काफी अहमियत रखते थे। संचालन महासचिव मेंहदी रजा एडवोकेट ने किया। इस मौके पर डा.अवधनाथ पाल, मेवालाल यादव, प्रभानन्द यादव, राजेन्द्र टाइगर, नन्दलाल यादव, श्याम बहादुर पाल, दीपक सिंह माण्टो आदि ने पूर्व प्रधानमंत्री को श्रद्धांजलि अर्पित की।
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'सिर पर तनी हो बंदूक तो कैसे बचाएगा लैपटॉप'

नई दिल्ली/एजेंसी
Story Update : Wednesday, April 18, 2012    1:29 AM
On line voting sy qureshi election
सरकारी खर्च पर चुनाव के मुद्दे पर बढ़ते बहस के बीच मुख्य चुनाव आयुक्त एसवाई कुरैशी (सीईसी) ने मंगलवार को कहा कि इस पर तभी विचार किया जा सकता है जब राजनीतिक पार्टियों में पूरी तरह से वित्तीय पारदर्शिता और आंतरिक लोकतंत्र आ जाएगा। साथ ही कुरैशी ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि निकट भविष्य में ऑन लाइन वोटिंग हकीकत बन पाएगी।

एक कार्यक्रम के दौरान कुरैशी ने कहा कि राजनीतिक पार्टियों में लोकतंत्र स्थापित होने से पहले सरकारी खर्च पर चुनाव कराने के बारे में नहीं सोचा जा सकता। कुरैशी ने पहले भी कभी सरकारी खर्च पर चुनाव कराने के पक्ष में विचार व्यक्त नहीं किया है। उनका मानना है कि मौजूदा स्थिति में ऐसा किया जाता है तो चुनाव में काले धन का उपयोग और बढ़ जाएगा।

दूसरी ओर, कुरैशी ने कहा कि ऑन लाइन वोटिंग तकनीक हमारे लिए बच्चों के खेल के समान हैं, क्योंकि हम आईटी के क्षेत्र में सुपर पॉवर हैं। इसके बावजूद ऐसा नहीं लगता कि ऑन लाइन वोटिंग निकट भविष्य में हकीकत बन पाएगी। सीईसी ने कहा कि आम आदमी की सुरक्षा और ईमानदारी हमारे लिए मुख्य विषय हैं।

उन्होंने कहा कि अगर कोई आपके सिर पर बंदूक रख कर अपने पक्ष में मतदान करने को कहता है तो फिर आप क्या करेंगे। ऐसी स्थिति में आपका लैपटॉप आपकी सुरक्षा नहीं कर पाएगा। ऐसा भी हो सकता है कि कोई आपके पास आए और पांच हजार रुपये देकर अपने पक्ष में वोटिंग करने को कहे, तो हो सकता है कि लोगों का ईमान बदल जाए। कुरैशी ने कहा कि इन सभी संभावनाओं की काट खोजे बगैर ऑन लाइन वोटिंग की सुविधा लागू नहीं की जा सकती।

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यूपी : सभी बेरोजगारों को एक साथ नहीं मिलेगा भत्ता

लखनऊ/शैलेंद्र श्रीवास्तव
Story Update : Friday, April 20, 2012    12:24 AM
UP all the unemployed will not get an allowance
यूपी के सभी युवा बेरोजगारों को एक साथ बेरोजगारी भत्ता नहीं दिया जाएगा। भत्ता देने के लिए भी वरिष्ठता तय की जाएगी। इसके लिए पंजीकरण की कटऑफ डेट तय की जाएगी, यानी पहले पंजीकरण कराने वाले पहले बेरोजगारी भत्ता पाएंगे।

प्रशिक्षण एवं सेवायोजन निदेशालय ने इस संबंध में संशोधित प्रस्ताव शासन को भेज दिया है। इस संबंध में शीघ्र ही कैबिनेट में निर्णय लिए जाने की उम्मीद है। बताया जाता है कि बेरोजगारों को मई से भत्ता देने पर निर्णय हो सकता है।

35 वर्ष से अधिक उम्र वालों को भत्ता
सपा ने अपने घोषणा पत्र में 35 वर्ष से अधिक उम्र वालों को बेरोजगारी भत्ता देने का ऐलान किया। इसके आधार पर ही कैबिनेट की बैठक में भत्ता देने का निर्णय किया जा चुका है। रोजगार कार्यालयों में पंजीकरण कराने वालों को ही यह भत्ता दिया जाएगा। इसके आधार पर प्रशिक्षण एवं सेवायोजन निदेशालय ने शासन को प्रस्ताव भेजा था। इसमें 35 से 45 वर्ष की आयु वालों को भत्ता देने की बात कही गई थी। इसमें आय तथा गरीबी की रेखा के नीचे जीवन यापन करने वालों को इसके दायरे में लाने का प्रस्ताव था।

19 लाख से अधिक लोगों ने पंजीकरण कराया
बेरोजगारी भत्ते की उम्मीद में पंजीकरण कराने वालों ने सभी रिकार्ड तोड़ दिए हैं। यूपी में 35 से 45 वर्ष की आयु के 19 लाख से अधिक लोगों ने पंजीकरण कराया है। सूत्रों का कहना है कि इतनी बड़ी संख्या में पंजीकरण कराने वालों के चलते प्रशिक्षण एवं सेवायोजन निदेशालय ने प्रस्ताव को संशोधित करते हुए शासन को भेजा है। इसमें सभी पंजीकरणधारकों को एक साथ भत्ता न देकर दो चरणों में देने का प्रस्ताव है। इसके लिए पंजीकरण की एक कटऑफ डेट तय की जाएगी। इसमें पहले पंजीकरण कराने वालों को पहले भत्ता दिया जाएगा। इस पर अंतिम निर्णय मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को करना है। इसके बाद कैबिनेट से प्रस्ताव पास कराकर शासनादेश जारी किया जाएगा।

किस मंडल में कितने पंजीकरणधारक
लखनऊ 2.60 लाख, आगरा 1.22 लाख, मुरादाबाद 37800, बरेली 90700, मेरठ 1.22 लाख, अलीगढ़ 41900, कानपुर 1.81 लाख, झांसी 1.02 लाख, इलाहाबाद 1.56 लाख, मिर्जापुर 61653, वाराणसी 2.20 लाख, आजमगढ़ 1.25 लाख, फैजाबाद 1.88 लाख व गोरखपुर 1.97 लाख पंजीकरणधारक हैं।
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यूपी में महापुरुषों के नाम पर हुए भ्रष्टाचार की होगी जांच

नई दिल्ली/अमर उजाला ब्यूरो
Story Update : Friday, April 20, 2012    12:29 AM
UP name of the great men corruption probe shivpal yadav
उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के शासन काल में बनी मूर्तियों और स्मारकों से किसी तरह की छेड़छाड़ का कोई विवाद सपा सरकार मोल लेना नहीं चाह रही हो, लेकिन इस मसले पर वह बसपा को किसी तरह की राहत भी देने के मूड में नहीं है। लिहाजा, इस सिलसिले में जांच आयोग बैठाने का फैसला किया गया है।

उत्तर प्रदेश के लोक निर्माण और सिंचाई मंत्री शिवपाल यादव ने कहा है कि समाजवादी पार्टी की सरकार महापुरुषों का सम्मान करती है, लेकिन उनके नाम पर लूट खसोट और भ्रष्टाचार करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। चाहे इस मामले में पूर्व मुख्यमंत्री हों या फिर कोई मंत्री या अधिकारी, किसी के भ्रष्टाचार को बर्दास्त नहीं किया जाएगा।

शिवपाल ने कहा कि उन्होंने इस संबंध में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से बातचीत कर ली है और वह दुबारा उनसे मिलेंगे। इस संबंध में एक जांच आयोग बैठाया जाएगा। आयोग की जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में मूर्तियों और स्मारकों का मामला गर्माया हुआ है।

मायावती उत्तर प्रदेश सरकार को चेतावनी दे चुकी हैं कि अगर उनकी मूर्तियों को हाथ लगाया गया तो प्रदेश में कानून व्यवस्था खराब हो सकती है। इसके जवाब में अखिलेश ने कहा था कि मूर्तियां बनाने की वजह से ही बसपा सरकार को जनता ने सत्ता से बाहर कर दिया था। उन्होंने कहा कि पार्कों के नाम पर खाली जमीन पर महिलाओं और बच्चों के लिए अस्पताल खोला जाएगा।
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