23/07/2015

जिसने कभी ये नहीं माना की वो हमसे ज्यादा साहसी और पराक्रमी हैं।

एक ओर  ये और दूसरी ओर  हमलोग !
जिसने कभी ये नहीं माना की वो हमसे ज्यादा साहसी और पराक्रमी हैं। 
मित्रों मैं बहुत दिन से सोच रहा था आपसे कुछ बात करूँ ? पर लगता था ये बात करने का वक़्त नहीं है पर अब लगाने लगा है की बात करने का वक़्त आ गया है, माननीय नेता जी ने जब पहली बार आदरणीय राम नरेश यादव के मुख्यमंत्रित्व में सहकारिता मंत्री थे, और वे मेरे गाव के सहकारी भवन के उदघाटन पर आये थे तब मैं स्कूल में पढ़ता था, मुझे आज भी याद है उस समय नेताजी के स्वागत में पुरे इलाके के लोग इकट्ठा हुए थे, तब हमलोग चुपके से उस कार्यक्रम को देखने के लिए आये थे उस समय इतनी गाड़ियां नहीं थीं कुछ सरकारी अफसरों और एकाध कोई बहुत संभ्रांत था तो किराए की जीप लेकर चला जाता था।  मुझे याद है तब नेता जी ने काफी समय दिया था, पिताजी और खजांची चचा सहकारी समिति के अधिकारी थे इसलिए इन लोगों का नाम भी उस शिलापट्ट पर लिखा गया था, हमलोग बड़े हुए नेताजी और बड़े होते गए यद्यपि वह दौर चौधरी चरण सिंह के उत्कर्ष का था, चारों तरफ उनकी ही चर्चा थी वो देश के गृहमंत्री थे कहा जाता था रामनरेश जी को उस समय उनके सज्जनता और राजनारायण के चलते चौधरी साहब ने उ. प्र. का मुख्यमंत्री बनाया था, बहुत गुस्सा था कुछ जयंतियों में, सरे आम नाना प्रकार के तंज़ उनपर कैसे जाते थे जैसे एकाध तो हमको भी याद है यथा - मुख्यमंत्री जी को मुख्यमंत्री आवास के ए  सी कमरों में नींद नहीं आ रही थी फिर उनका विस्तर लान में लगाया गया फिर भी नींद नहीं आयी तो एक भैंस लाकर बाँधी गयी पास में फिर उसके खर्राटे के साथ "मुख्यमंत्री" जी सो पाये।  (ज्ञातव्य है की राम नरेश यादव जी पेशे से वकील थे और आजमगढ़ शहर में रहते थे)  मुख्यमंत्री जी पर न जाने कितने तंज़ कुछ जातियों द्वारा किये जाते थे जिन्हे सवर्ण कहा जाता था और तब तमाम यादवो को भी यह सब सुनाने में बड़ा मज़ा आता था, कुछ को तो विश्वास भी हो जाता था की यह सही है. पर मुझे तब भी यह बात नागवार लगता था, क्योंकि मेरा परिवार तब भी तमाम कथित सवर्ण कहे जाने वाले लोगों से  रहन सहन खानपान एवं सामाँजिक मर्यादा के मामले में बहुत ज्यादा अग्रणी था। और सामाजिक सरोकारों की लड़ाई लड़ता था, मुझे आज भी यह बात याद है की स्वर्गीय राजबहादुर यादव निर्दल चुनाव जितते थे जिसमें मेरे परिवार (पिताजी एवं उनके साथियों) का बड़ा योगदान था। 
क्रमशः जारी  ............. 

1 टिप्पणी:

राजेंद्र कुमार ने कहा…

यादव समाज के लिए आप ब्लॉग के माध्यम से अच्छा कार्य कर रहें हैं, आभारी हूँ।

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