04/04/2017

भाग -17-
ध्यान से देखिये l
यह पूर्व मुख्यमंत्री माननीय अखिलेश यादव की पाँच साल की महान 'आरक्षण विरोधी' उपलब्धियां हैं l

भाग-18-
'आरक्षण' और 'सामाजिक न्याय' विरोधी पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने 2013 से 2017 तक आरक्षण समर्थकों पर लाठियाँ बरसाया l उसका एक क्रूरतम और हिंसक दृश्य देखिये l किस तरह अखिलेश सरकार ने त्रिस्तरीय आरक्षण समर्थकों को इलाहाबाद से लखनऊ तक लगातार 3 साल लाठी चार्ज करके पिटवाया l जो पिछड़े,दलित और मुसलमान अखिलेश की लाठियाँ खाये, उनकी पीड़ा आप एक बार जरूर सुनिये l

https://www.youtube.com/watch?v=pi4bNTNnc4U

भाग -19-
माननीय अखिलेश यादव ने 'यश भारती पुरस्कारों' (2012 से 2016 तक) के वितरण में भयानक 'सामाजिक अन्याय' किया l ..... आईये देखिये ....
नेता जी ने कलाकारों, साहित्यकारों और संस्कृतिकर्मियों, खेल, सिनेमा, शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग आदि के लिए 'यश भारती' पुरस्कार 1994 में शुरू किया था l इस पुरस्कार प्राप्तकर्ता को सम्मानित होते समय 11 लाख रुपये दिए जाते हैं l उसके बाद आजीवन 50,000 रुपए पेंसन के रूप में मिलता है l 2012 में अखिलेश यादव के मुख्यमंत्री बनने के साथ ही एक तरफ से सवर्णों को पुरस्कार बांटना शुरू हुआ l l 2012 से लेकर 2016 तक इन्होंने जो यश भारती पुरस्कार बाँटे हैं l उसका आधार इन्होंने बनाया 60 से 65% तक ब्राह्मणों, 20 से 25% क्षत्रियों, भूमिहारों, कायस्तों और अन्य सवर्ण जातियों को दिया जाय l इसके बाद यदि कुछ पुरस्कार बँचता है तो OBC के लोगों को दिया जाय l अर्थात् 10% पुरस्कार में 60% OBC जनसंख्या को सिमटा दिया जाय l और बची हुयी 25% SC, ST को एक भी पुरकार न दिया जाय l इन्होंने ऐसा ही किया l आपने पांच साल के कार्यकाल में एक भी SC, ST को 'यश भारती' नहीं दिया l अखिलेश यादव जैसा सामजिक अन्याय तो कोई सवर्ण मुख्यमंत्री भी नहीं करेगा जितने खतरनाख तरीके इन्होंने से ऐसा कार्य किया l 2016 की यश भारती पुरस्कार प्राप्त कर्ताओं की लिस्ट निचे अटैच है l देखिये l 2016 में अखिलेश यादव ने 41 ब्राह्मणों को यश भरती पुरस्कार दिए l और कुछ पुरस्कार अन्य सवर्णों को l बाकि रत्ति भर पुरस्कार OBC को दिए जाय l SC,ST को एक भी पुरस्कार नहीं दिया गया l यह अखिलेश यादव का सवर्णपरस्त मन है l आप सोचिये कि मूल चेतना 85% प्रतिभावान मनुष्यों में से एक भी इन्हें प्रतिभावान व्यक्ति नहीं मिला l निम्नलिखित लोगों को भी अखिलेश यादव पुरस्कार दे सकते थे -- 
1 - फूलन देवी (अति सम्मान में मरणोंपरान्त )
2 - प्रोफेसर लाल रत्नाकर 
3 - डॉ. ओम शंकर 
4 - सबाना आज़मी 
5 - वीरेंद्र यादव
6 - प्रोफेसर दिनेश कुशवाह 
7 - प्रोफेसर सुभाष कुशवाह 
8 - प्रोफेसर चौथीराम यादव 
9 - उर्मिलेश उर्मिल 
10 - आलम बादी
11 - असि. प्रोफेसर अजय गोंड़
12 - फ्रैंक हुज़ूर
13 - ओमप्रकाश वाल्मीकि 
14 - माखान सिंह 
15 - जय प्रकाश कर्दम
16 - तुलसी राम 
17 - प्रोफेसर उमाकांत यादव 
18 - श्यौराज सिंह बेचैन 
19 - शांति यादव 
10 - डॉ अजय प्रजापति 
21 - डॉ सुरेश सिंह
22 - राम शंकर यादव विद्रोही 
23 - संतोष वाल्मीकि
24 - सोबरन कबीर 
25 - शयीदुर्र रहमान
26 - अकील अहमद 
27 - कृष्ण मोहन 
28 - नरसिंह यादव 
28 - प्यारे लाल यादव
30 - एच. एल. दूशाद 
31 - खेशारी लाल यादव 
32 - शमीम अंसदि 
33 - डॉ. जगदीश यादव 
34 - चंद्रभूषण सिंह यादव
35 - प्रोफेसर कालीचरण स्नेह 
36 - कँवल भारती 
37 - डॉ. विवेक कुमार 
38 - चंद्रभान प्रसाद 
39 - उमेश यादव 
40 - कुलदीप यादव 
आदि l आप सब और नाम जोड़ सकते हैं l
फोटो-- Fark India patrika se sabhar
भाग -20-
अखिलेश यादव के पांच सालों के सामाजिक अन्याय की दास्तान......

अखिलेश जी कहते हैं कि 'मेरे काम को याद किया जाएगा...'
मैं भी कहता हूं ...जी हां अखिलेश जी आपके काम को जरूर याद किया जाएगा...लेकिन कैसे ......?

ये जरूर याद किया जाएगा कि आपने अपने कार्यकाल में चार वाइस चांसलर बनाए ..जिसमें से दो ब्राह्मण, एक ठाकुर औऱ एक ओबीसी बनाया.... एक भी पद SC, ST को नहीं दिया L
ये जरूर याद किया जाएगा कि आपने दलितों, पिछड़ों का हिस्सा काटकर सिद्धार्थ यूनिवर्सिटी मेे 84 में से 83 ब्राह्मणों को नियुक्ति दी...SC,ST को एक भी पद नहीं दिया |
ये भी याद किया जाएगा कि आपने ही ...ब्राह्मणों को खुश करने के लिए पिछड़ों - दलितों को मिलने वाले त्रिस्तरीय आरक्षण को खत्म करके एक तरह से इन समुदायों का संहार कर दिया
ये भी याद किया जाएगा कि आपने गौतम बुद्ध यूनिवर्सिटी में 95 फीसदी ब्राह्मणों को नियुक्ति दी..
ये भी याद किया जाएगा कि आपने ही सम्पूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में 53 में से 49 पद सवर्णों के लिए निकाले...
ये भी याद किया जाएगा कि आपने 74 यश भारती पुरस्कार बांटे . जिसमें से 45 यश भारती पुरस्कार ब्राह्णणों को बांट दिए. बचा खुचा गैर ब्राह्णण सवर्णों को दे दिया...औऱ रत्ती भर पुरस्कार ओबीसी को दिए..और एक भी पुरस्कार किसी SC, ST को नहीं दिया .
ये भी याद किया जाएगा कि आपने लखनऊ में पत्रकारों को 80 आवास बांटे जिनमें से 58 आवास ब्राह्मण जाति के पत्रकारों को बांट दिए और आलोक रंजन की कृपा के चलते 9 आवास लालाओं को बांट दिए और 8 आवास अपनी ससुराल पक्ष की जात वालों को बांट दिए. वाकी 2 आवास यादव जात को, 3 आवास मुसलमानों को दिए..
ये भी याद किया जाएगा कि आपने वोट तो यादव समेत पिछड़ो , दलितों औऱ मुसलमानों से लिए पर पार्क जनेश्वर मिश्रा के नाम पर बनाया...
ये भी याद किया जाएगा कि आपने ही यूपी के 30 जिलों में लेखपाल की परीक्षा में पिछड़ी जीति को रिजर्वेशन तक नही दिया..
ये भी याद रखा जाएगा कि आपने ही मुसलमानों को धोखा दिया और उनको रिजर्वैशन नही दिया...
ये भी याद किया जाएगा कि आपकी पार्टी ने ही दलितों को मिलने वाले प्रमोशन में आरक्षण का विल संसद में फड़वा दिया
ये भी याद रखा जाएगा कि आपकी पार्टी ने ही यूपी में 75 जिलों में से तकरीवन 60 जिलों में सवर्ण डीएम और एसपी को रखा ...जिन्होने दलितों पिछड़ो पर जमकर अत्याचार किए...
ये भी याद रखा जाएगा कि आपने अपनी छवि चमकाने के लिए सिर्फ यादव औऱ मुसलमानों का ही उपयोग किया...आपने अपने ही विधायक रामपाल यादव को पिटवाया, आपने ही रामवृक्ष यादव मथुरा की पुलिस से हत्या करवा दी. इसके बाद आपने ब्राह्णणों को खुश करने के लिए अतीक अहमद, मुख्तार अंसारी आदि मुस्लिम नेताओं को बदनाम करके सपा से दूर कर दिया....
अखिलेश जी आपकी ब्राह्णण परस्त नीतियों को यूपी की दलित , पिछड़ी और मुसलमान जनता 2019 और 2022 में भी याद रखेगी .....
मुझे पूरी उम्मीद है कि यूपी की जनता आपको 2022 में 22 सीटों तक ही सिमटा देगी ..तभी आपकी समाजिक अन्याय की अकल ठिकाने आएगी...

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